प्रवासी मजदूरों को रोजगार का सच, मनरेगा से तालाब खुदाई में ग्राम प्रधान और अधिकारी खा गए पैसा
Chitrakoot News in Hindi

प्रवासी मजदूरों को रोजगार का सच, मनरेगा से तालाब खुदाई में ग्राम प्रधान और अधिकारी खा गए पैसा
(सांकेतिक तस्वीर-AP)

चित्रकूट (Chitrakoot): जांच टीम ने ग्राम प्रधान सहित 4 लोगों के खिलाफ रैपुरा थाने में मुकदमा पंजीकृत करा दिया है. लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है. न ही भ्रष्टाचारियों की गिरफ्तारी ही की गई है.

  • Share this:
चित्रकूट. देश कोरोना वायरस (COVID-19) जैसे वैश्विक महामारी से जूझ रहा है, ऐसे में लॉकडाउन (Lockdown) के बाद जो प्रवासी मजदूर (Migrant Laborers) थे, वह अपना काम-धंधा बंद कर अपने घर वापसी हो गए हैं. उत्तर प्रदेश में भी लाखों की संख्या में प्रवासी मजदूर अपने घर वापस हुए हैं. इन्हें उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके गांव में ही मनरेगा के तहत काम देने का ऐलान किया था. हजारों की संख्या में मजदूरों को ग्राम पंचायतों पर मजदूरी दी जा रही है. इस बीच आरोप लगा है कि चित्रकूट जनपद के ग्राम प्रधान और अधिकारियों की मिलीभगत के चलते मजदूरों को मजदूरी न देकर मशीनों से काम करवाया जा रहा है और मजदूरों का पैसा निकालकर लाखों का घोटाला किया जा रहा है.

महिला ग्राम प्रधान,  प्रधान पति ने अफसरों की मिलीभगत से किया भ्रष्टाचार

पहाड़ी ब्लाक के देहरूच गांव में ऐसा ही मामला सामने आया है. आरोप है कि यहां महिला ग्राम प्रधान रामकली ने प्रधान पति के माध्यम से गांव में मनरेगा के तहत तालाब खुदाई में जेसीबी मशीन का इस्तेमाल कराया. वहीं जॉब कार्ड में अपने ही मजदूरों का पैसा भरकर दो लाख 24 हजार रुपए निकाल लिया है. जिससे गरीब प्रवासीय मजदूरों को दो जून की रोटी के इंतजाम के लिए भटकना पड़ रहा है.



ग्राम सचिव, जेई की मिलीभगत उजागर
आरोप है कि ये भ्रष्टाचार कोई यह पहला मामला नहीं है. ऐसे ही ग्राम पंचायत में कई तालाबों की खुदाई जेसीबी मशीन से करवाई गई है. जिसमें लाखों रुपए का घोटाला किया गया है. खुद गांव के ग्राम सचिव, जेई सहित तमाम अधिकारियों की मिलीभगत रही है.

जांच बैठी, दोषी पाए जाने पर ग्राम प्रधान सहित 4 पर एफआईआर

अब ग्रामीणों की शिकायत के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने एक जांच टीम गठित कर दी है, जिसमे जांच के बाद ग्राम प्रधान पर आरोप सही पाए गए हैं. जांच टीम ने ग्राम प्रधान सहित 4 लोगों के खिलाफ रैपुरा थाने में मुकदमा पंजीकृत करा दिया है. लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है. न ही भ्रष्टाचारियों की गिरफ्तारी ही की गई है.

अब ग्रामीणों पर पुलिस बना रही दबाव

आरोप है कि रैपुरा थाने की पुलिस भी ग्रामीणों का बयान बदलने के लिए दबाव बना रही है. वहीं प्रशासन ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज