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चित्रकूट के जंगलों में बाघों के बीच संघर्ष में एक टाइगर की मौत, वन-विभाग ने जताई चिंता

चित्रकूट के जंगल में बाघों के बीच संघर्ष (प्रतीकात्मक तस्वीर)
चित्रकूट के जंगल में बाघों के बीच संघर्ष (प्रतीकात्मक तस्वीर)

बाघों के संघर्ष की घटना ने वन-विभाग की नींद उड़ा दी है, शुक्रवार को मझगवां वन क्षेत्र के करिया बीट के जंगल में एक वयस्क नर बाघ (Tiger) मृत पाया गया है, उसके शरीर में बाघ से ही हुए संघर्ष के दौरान के गहरे घावों के जख्म पाए गए...

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बांदा. उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले (Chitrakoot District) के मझगवां वन क्षेत्र में बाघों के संघर्ष (Tiger's fight) में एक बाघ की मौत हो गई. मृत बाघ के शरीर पर गहरे घाव के निशान पाए गए. वन विभाग ने बाघ के शव का पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद उसे दफना दिया है. बाघों के संघर्ष की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग ने वनकर्मियों और आस-पास के इलाके के लोगों को सतर्क कर दिया है. वन विभाग का कहना है कि इस इलाके में बाघों के संघर्ष का ये पहला मामला है. लेकिन इस घटना ने वन-विभाग की नींद उड़ा दी है. वन-विभाग के पदाधिकारियों का कहना है कि वन्य जीवों के आपसी संघर्ष के ऐसे मामले और सामने आ सकते हैं. ये घटना भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है.

भविष्य में वन्यजीवों के बीच हो सकता है संघर्ष !
बता दें कि गुरुवार की रात मझगवां वन क्षेत्र के करिया बीट के जंगल में दो बाघों के आपसी संघर्ष में एक वयस्क नर बाघ की मौत हो गयी. वन विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. मारकुंडी वन क्षेत्र के क्षेत्राधिकारी रमेश यादव ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 'शुक्रवार सुबह मझगवां वन क्षेत्र के करिया बीट के जंगल में एक व्यस्क नर बाघ मृत पाया गया है, उसके शरीर में बाघ से ही हुए संघर्ष के दौरान के गहरे घावों के जख्म पाए गए हैं.'

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ये घटना भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है.

उन्होंने बताया कि जानकारी मिलने के बाद वन विभाग (Forest Department) की टीम ने पोस्टमॉर्टम कराने के बाद बाघ के शव को दफना दिया है. रमेश यादव ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि 'जंगल में बाघों के आपसी संघर्ष का यह पहला मामला है, जो बेहद चिंता का विषय है. भविष्य में वन्यजीवों के बीच होने वाले ऐसे आपसी संघर्षों को टालने के लिए वनकर्मियों को सतर्क कर दिया गया है. साथ ही आस-पास के इलाके के लोगों को भी सूचित कर दिया है क्योंकि लॉक डाउन (Lockdown) होने के चलते मानवीय गतिविधियां बेहद सीमित हो गई हैं ऐसे में वन्य जीव मानव बस्तियों की ओर भी रुख कर दे रहे हैं.



(इनपुट-भाषा)

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