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चित्रकूट के जंगलों में हुई मुखबिरों की हत्‍या, एसटीएफ पर उठे सवाल

चित्रकूट के जंगलों में हुई मुखबिरों की हत्‍या, एसटीएफ पर उठे सवाल

चित्रकूट के जंगलों मे सक्रिय डकैतों द्वारा पुलिस के मुखबिरों की हत्या करना कोई नई बात नहीं है. लेकिन जिस तरह से एसटीएफ के मुखबिरों की हत्या की चर्चा है, उससे एसटीएफ पर भी बड़ा सवालिया निशान लग गया है. ऐसा भी माना जा रहा है कि क्या कहीं मारे गए दोनों मुखबिरों की हत्या के पीछे एसटीएफ की साजिश तो नहीं है. हालांकि स्थानीय पुलिस इस तरह की किसी भी जानकारी होने से मना कर रही है.

चित्रकूट के जंगलों मे सक्रिय डकैतों द्वारा पुलिस के मुखबिरों की हत्या करना कोई नई बात नहीं है. लेकिन जिस तरह से एसटीएफ के मुखबिरों की हत्या की चर्चा है, उससे एसटीएफ पर भी बड़ा सवालिया निशान लग गया है. ऐसा भी माना जा रहा है कि क्या कहीं मारे गए दोनों मुखबिरों की हत्या के पीछे एसटीएफ की साजिश तो नहीं है. हालांकि स्थानीय पुलिस इस तरह की किसी भी जानकारी होने से मना कर रही है.

चित्रकूट के जंगलों मे सक्रिय डकैतों द्वारा पुलिस के मुखबिरों की हत्या करना कोई नई बात नहीं है. लेकिन जिस तरह से एसटीएफ के मुखबिरों की हत्या की चर्चा है, उससे एसटीएफ पर भी बड़ा सवालिया निशान लग गया है. ऐसा भी माना जा रहा है कि क्या कहीं मारे गए दोनों मुखबिरों की हत्या के पीछे एसटीएफ की साजिश तो नहीं है. हालांकि स्थानीय पुलिस इस तरह की किसी भी जानकारी होने से मना कर रही है.

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चित्रकूट के जंगलों मे सक्रिय डकैतों द्वारा पुलिस के मुखबिरों की हत्या करना कोई नई बात नहीं है. लेकिन जिस तरह से एसटीएफ के मुखबिरों की हत्या की चर्चा है, उससे एसटीएफ पर भी बड़ा सवालिया निशान लग गया है. ऐसा भी माना जा रहा है कि क्या कहीं मारे गए दोनों मुखबिरों की हत्या के पीछे एसटीएफ की साजिश तो नहीं है. हालांकि स्थानीय पुलिस इस तरह की किसी भी जानकारी होने से मना कर रही है.

आपको बता दे कि खूंखार डकैत ददुआ के मारे जाने से लेकर दस्यु ठोकिया के भाई दस्यु दीपक की गिरफ्तारी तक एसटीएफ के मुखबिर के रूप मे सक्रिय भूमिका निभाने वाले धर्मेन्द्र पाण्डेय और उसके साथी हरिशचन्द्र पटेल की तीन दिन पहले मानिकपुर थाना क्षेत्र के हनुआ के जंगल मे डकैतों द्वारा हत्या कर शवों को जलाने की चर्चा आम है. मारे गए दोनो मुखबिरों के परिजन भी इस चर्चा से सकते में हैं.

परिजनों ने हत्या की बात सुनने के बाद से पुलिस अधीक्षक से मिलकर जांच की गुहार लगा रहे हैं और पुलिस ने भी मानिकपुर थाने मे कुछ लोगों के खिलाफ मामला भी पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है.

वही दोनों के परिजनों की माने तो लगातार आठ वर्षों से एसटीएफ के लिए काम कर रहे धर्मेन्द्र पाण्डेय और हरिशचन्द्र पटेल की हत्या डकैत खरदूषण यादव व राजा यादव नगनेधी ने की है. उनका यह भी आरोप है कि दस्यु बलखड़िया को मारने के लिए एसटीएफ इनका इस्‍तेमाल करती थी.

परिजनों की मांग है कि मारे गए दोनों लोगों के शव उनको सौंपे जाएं. साथ ही जांच कर कार्रवाई की जाए क्योंकि इस पूरी घटना ने एसटीएफ की भूमिका संदिग्ध है.

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Tags: Murder 3

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