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चित्रकूट पहुंचे राष्ट्रपति कोविंद, आजादी के बाद चित्रकूट पहुंचने वाले पहले राष्ट्रपति बने

 राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (file photo/getty images)
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (file photo/getty images)

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जगतगुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय को समावेशी शिक्षा की मिसाल कायम करने वाला विश्वविद्यालय बताते हुए कहा कि उस समय और प्रसन्नता होगी जब यहां के विद्यार्थी अपना उद्यम स्थापित कर दूसरों को लिए रोजगार के अवसर पैदा करेंगे.

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जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी द्वारा संचालित विश्व के पहले विकलांग विश्वविद्यालय के सप्तम दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद चित्रकूट पहुंचे. कहा जा रहा है आजादी के बाद यह पहला मौका है जब पहली बार कोई राष्ट्रपति चित्रकूट जिले में पहुंचा हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक सप्तम दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति कोविंद कुल 597 दिव्यांग छात्र-छात्राओं को उपाधि से सम्मानित किया. इस मौके पर सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ और मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास जी महाराज को भी डी.लिट की उपाधि प्रदान की गई. यूपी के परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने राष्ट्रपति के हाथों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपाधि प्राप्त की.

दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ गोविंद के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक, मध्य प्रदेश के राज्यपाल ओमप्रकाश कोहली, केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद और उत्तर देश के परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी मंच पर मौजूद थे.



राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जगतगुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय को समावेशी शिक्षा की मिसाल कायम करने वाला विश्वविद्यालय बताते हुए कहा कि उस समय और प्रसन्नता होगी जब यहां के विद्यार्थी अपना उद्यम स्थापित कर दूसरों को लिए रोजगार के अवसर पैदा करेंगे.
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को विद्यार्थियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना होगा और एक ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा दिव्यांगों जनों के हित में लागू सभी नीतियों और सुविधाओं के बारे में पूरी जानकारी दी जाय और उन सुविधाओं की उनके द्वारा अधिक से अधिक उपयोग किए जाने में मदद की जाए.
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