होम /न्यूज /उत्तर प्रदेश /चित्रकूट के जंगलों में अब गोलियों की तड़तड़ाहट नहीं; गूंजेगी 'बाघों की दहाड़'

चित्रकूट के जंगलों में अब गोलियों की तड़तड़ाहट नहीं; गूंजेगी 'बाघों की दहाड़'

चित्रकूट में टाइगर रिजर्व प्रोजेक्ट को योगी आदित्यनाथ सरकार की मंजूरी.

चित्रकूट में टाइगर रिजर्व प्रोजेक्ट को योगी आदित्यनाथ सरकार की मंजूरी.

UP News: चित्रकूट कभी डकैतों के नाम से जाना जाता था. यहां के जंगलों में कभी डकैती की गोलियों की तड़तड़ाहट की गूंज सुनाई द ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

उत्तर प्रदेश का चौथा टाइगर रिजर्व प्रोजेक्ट चित्रकूट में.
योगी कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई.
टाइगर रिजर्व प्रोजेक्ट से बुंदेलखंड के विकास को रफ्तार.

चित्रकूट. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे की बड़ी सौगात देने के बाद अब चित्रकूट जनपद के रानीपुर सैंक्चुरी को टाइगर रिजर्व के रूप में विकसित करने की एक बड़ी सौगात दी है. मंगलवार को हुई योगी सरकार के कैबिनेट के बैठक में इसको स्वीकृति दे दी गयी है. बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गठित उत्तर प्रदेश राज्य वन्यजीव बोर्ड ने चित्रकूट के रानीपुर सैंक्चुरी को प्रदेश का चौथा टाइगर रिजर्व बनाने के प्रोजेक्ट की मंजूरी पहले ही दे दी थी. मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी भी मिल गई है. इस निर्णय. के बाद अब बुंदेलखंडवासियों में खुशी की लहर है.

मिली जानकारी के अनुसार, 630 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में रानीपुर टाइगर रिजर्व विकसित किया जाएगा. यह केन बेतवा लिंक परियोजना के फलस्वरुप पन्ना टाइगर रिजर्व में जलभराव होने के कारण यहां के बाघ चित्रकूट की ओर आएंगे, इसलिए प्रदेश सरकार ने यहां टाइगर रिजर्व बनाने का फैसला लिया है. चित्रकूट टाइगर रिजर्व का रेस्क्यू सेंटर बहिलपुरवा गांव में बनाया जाएगा. यह टाइगर रिजर्व सेंटर पूरे 630 किलोमीटर में फैला होगा. इस प्रोजेक्ट को मंजूरी देते ही इसे तैयार करने के लिए सरकार ने दो वर्ष का समय दिया है.

बता दें कि टाइगर रिजर्व के लिए वन विभाग ने करीब 65000 हेक्टेयर क्षेत्रफल का नक्शा तैयार कर शासन को भेजा था. लेकिन, सरकार ने 52000 हेक्टेयर क्षेत्रफल को लिया है, जिसमें 51 गांव भी शामिल हैं. 23000 हेक्टेयर के कोर एरिया में 6 गांव में उनको अब स्थापित किया जाएगा. इस क्षेत्र में विशेष फोर्स की तैनाती होगी. प्रोटेक्शन टीम के तौर पर बड़ी संख्या में पीएसी के जवान आएंगे.

सुरक्षा मिलने पर पर्यटन के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे
स्थानीय अजीत सिंह पटेल का कहना है कि यहां टाइगर रिजर्व बन जाने के बाद यहां पर्यटकों का आना-जाना बढ़ जाएगा जिससे क्षेत्र के विकास में चार चांद लगने की संभावना है. यह प्रदेश का चौथा टाइगर रिजर्व होगा जिसे कैबिनेट ने बनाने की मंजूरी दी है. वहीं चित्रकूट पर्यटन प्रोत्साहन समिति के सदस्य सत्यप्रकाश द्विवेदी का कहना है कि रानीपुर सैंक्चुरी को टाइगर रिजर्व बनाने का फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सराहनीय फैसला है. इसके बन जाने से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा जिससे पर्यटकों के आने से इस क्षेत्र का खूब विकास भी होगा.

विकास की आहट ने स्थानी लोगों के चेहरों पर बिखेरी मुस्कान
विशेषज्ञों का मानना है कि पहले यहां डकैतों के आतंक के चलते यह क्षेत्र विकास से अछूता रहा है. अब डकैतों के खत्म हो जाने के बाद टाइगर रिजर्व बनाने की यह बड़ी सौगात है. इससे क्षेत्र में खूब विकास होगा और पर्यटकों की आने की संभावना बढ़ जाएगी; क्योंकि यह मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की वनवास नगरी है. यहां श्रद्धालु उनके निशानियों के दर्शन के लिए बड़े पैमाने में आते हैं जिससे अब टाइगर रिजर्व बन जाने के बाद पर्यटक टाइगर रिजर्व भी घूमने आएंगे. इससे इस क्षेत्र में खूब विकास होगा. लोगों के रोजगार के साधन भी बढ़ जाएंगे.

Tags: Chitrakoot News, CM Yogi Adityanath, Tiger reserve areas, Tiger reserve news, UP news

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें