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social worker wrote a letter with blood to yogi adityanath for maa mandakini and valmiki rivers protection nodark

Chitrakoot: मां मंदाकिनी और वाल्मीकि नदियों के संरक्षण के लिए CM योगी को खून से लिखा पत्र, जानें मामला

समाजसेवी आशीष सिंह रघुवंशी ने सीएम योगी को अपने खून से पत्र लिखा है.

समाजसेवी आशीष सिंह रघुवंशी ने सीएम योगी को अपने खून से पत्र लिखा है.

Chitrakoot News: चित्रकूट के समाजसेवी आशीष सिंह रघुवंशी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने खून से पत्र लिखकर मां मंदाकिनी नदी और वाल्मीकि नदी के संरक्षण की मांग की है. इसके साथ उन्‍होंने कहा है कि चेकडैम बनने के कारण नदियों के किनारे बसे गांवों के लोगों के अलावा पशु और पक्षी भी पानी न मिलने से परेशान हैं.

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चित्रकूट. यूपी के चित्रकूट जनपद में कई युगों से प्रवाहमान नदियों को बचाने के लिए एक समाजसेवी ने मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को खून से पत्र लिखकर नदियों को संरक्षित करने की मांग की है. दरअसल चित्रकूट की जीवनदायिनी कही जाने वाली मां मंदाकिनी नदी एवं वाल्मीकि नदी के सतयुग, द्वापर और त्रेता युग से प्रवाह होने की मान्यता है जिसके साक्ष्य भी रामायण में मिलते हैं. हालांकि कलयुग में अब यह नदिया प्रदूषण और अतिक्रमण के चलते विलुप्त होने की कगार पर हैं.

आलम यह है कि गर्मी के महीने में यह नदी कई किलोमीटर तक सूख गई है जिसके चलते समाजसेवी आशीष सिंह रघुवंशी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खून से पत्र लिखकर नदियों में बने चेकडैम को खत्म कर उनमें फाटक लगाने एवं अतिक्रमण मुक्त और प्रदूषण मुक्त कराए जाने की मांग की है. वह लगातार विगत 3 महीनों से मुहिम चलाए हुए हैं. इसी क्रम में आज उन्होंने मुख्यमंत्री को अपने खून से पत्र लिखकर जनपद की समस्त नदियों में बने चैकडेम को खत्म करने और उनमें फाटक लगाने के साथ नदियों को अतिक्रमण मुक्त कराए जाने की मांग की है.

सीएम ने मिलने का समय दिया तो जाएंगे पैदल
समाजसेवी आशीष सिंह रघुवंशी का कहना है कि चित्रकूट जनपद की विभिन्न नदियों में बने चेक डैम के निर्माण होने से शिल्ट जमा होने के कारण जल स्त्रोत्र बंद हो गए हैं जिससे जीवनदायिनी नदियां सूख गई हैं. इसके साथ वाल्मीकि नदी में जब से चेकडैम का निर्माण हुआ है, तब से जल प्रवाह बंद हो गया है. इस वजह से नदियों के किनारे बसे सैकड़ों गांव में पेयजल सिंचाई एवं पशु पक्षियों के पीने का पानी खत्म होने से जनजीवन प्रभावित हो गया है.

आशीष सिंह रघुवंशी ने कहा कि नदियों में बने चेकडैम को हटाकर उनमें फाटक लगा देना चाहिए जिससे बरसात के महीने में फाटक खोलने से नदियों में जमी शिल्ट की सफाई हो जाती है. इसके बाद जल स्रोत पुनः जीवित हो सकते हैं और नदियों पर अवैध अतिक्रमण रोकने के लिए नदियों का सीमांकन होना बहुत जरूरी है. इसी मांग को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री को खून से लिखा पत्र भेजकर उनसे मिलने का समय मांगा है. समय मिलते ही वह चित्रकूट से पैदल जा कर मुख्यमंत्री योगी से मिलेंगे और नदियों के संरक्षण के लिए मांग करेंगे.

Tags: Chitrakoot news today, Yogi adityanath

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