उन्नाव कांड: पीड़ित परिवार की चिट्ठी न मिलने पर CJI नाराज़, आज होगी सुनवाई

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने मामले में सेक्रेटरी जनरल को दखल देने और उसके बाद एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं. उन्हें इस संबंध में स्थानीय पुलिस और जिला जज की भी मदद लेने का निर्देश दिया गया है. सीजेआई ने एक सप्ताह के अंदर उन्हें ये रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है.

News18Hindi
Updated: August 1, 2019, 6:43 AM IST
उन्नाव कांड: पीड़ित परिवार की चिट्ठी न मिलने पर CJI नाराज़, आज होगी सुनवाई
रेप पीड़िता की मां ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर जानकारी दी थी कि आरोपी विधायक और उनके गुर्गों की ओर से परिवार को लगातार धमकी दी जा रही है
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Updated: August 1, 2019, 6:43 AM IST
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (सीजेआई) रंजन गोगोई ने उन्नाव रेप कांड के पीड़ित परिवार की चिट्ठी न मिलने पर नाराजगी जताई है. उन्होंने रजिस्ट्रार से पूछा है कि 12 जुलाई को लिखी गई चिट्ठी उनके सामने अब तक क्यों पेश नहीं की गई? प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने इसके साथ ही कहा कि मीडिया में चल रही खबरों से उन्हें इस चिट्ठी के बारे में जानकारी मिली है. उन्होंने कहा, मीडिया से ऐसी खबरें आई हैं कि जैसे मैंने पत्र पढ़ लिया है, जबकि मुझे बस मीडिया रिपोर्ट से ही इसके बारे में पता चला.'

सीजेआई ने कहा कि हम इस खराब होती व्यवस्‍था में कुछ अच्छा करने की सोचते हैं लेकिन इस तरह की रिपोर्ट गलत संदेश देती हैं. उन्नाव रेप मामले में अब सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है. इसके साथ ही मामले की सुनवाई के लिए गुरुवार का दिन तय किया है. इसके लिए वरिष्ठ वकील वी गिरी को न्याय मित्र नियुक्त किया है.

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई ने मामले में शीर्ष कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल से मामले में रिपोर्ट भी तलब की है. उन्हें यह रिपोर्ट सुनवाई के दौरान गुरुवार को पेश करनी होगी. गौरतलब है कि मामले में  रेप पीड़िता की मां ने सीजेआई को पत्र लिखकर बताया था कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है, ऐसे में उन्हें न्याय दिलवाया जाए.

इससे पहले बुधवार को ये खबर आई थी कि रेप पीड़िता की मां ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर जानकारी दी थी कि आरोपी विधायक और उनके गुर्गों की ओर से परिवार को लगातार धमकी दी जा रही है. बीते 12 जुलाई को लिखे अपने पत्र में पीड़िता और उसके परिजनों ने आरोपियों द्वारा सुलह न करने पर जेल भिजवाने की धमकी का जिक्र किया है.

दुर्घटनाग्रस्त इसी कार में पीड़ित लड़की और उसके रिश्तेदार सवार होकर रायबरेली से उन्नाव लौट रहे थे. उनके साथ उनका वकील भी कार में सवार था.


पीड़िता की मां की तरफ से लिखे गए इस पत्र में लिखा है कि 7 जुलाई, 2019 को आरोपी शशि सिंह के बेटे नवीन सिंह, विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई मनोज सिंह सेंगर, कुन्नू मिश्रा और 2 अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उनके घर आकर धमकी दी गई थी. पत्र में सुलह न करने की स्थिति में फर्जी मुकदमे में फंसाकर सभी को जेल भेजने की धमकी दी गई.

पत्र में पीड़ित परिवार ने मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई का भी निवेदन किया गया है.
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First published: August 1, 2019, 6:35 AM IST
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