दावा: कानपुर के GSVM मेडिकल कॉलेज में होगा कोरोना वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल

कानपुर मेडिकल कॉलेज में कोरोना वैक्सिन के ट्रायल का दावा.
कानपुर मेडिकल कॉलेज में कोरोना वैक्सिन के ट्रायल का दावा.

कानपुर (Kanpur) के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज समेत देश के 12 सैंटरो में रूस की कोरोना वैक्सीन (COVID-19 Vaccine) के दूसरे और तीसरे फेस का ट्रायल नवंबर के अंत तक शुरू हो सकता है. दावा किया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज की एथिक्स कमेटी ने वैक्सिंग के ट्राई के लिए अनुमति दे दी है.

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कानपुर. देशभर में जहां कोरोना (COVID-19) ने एक तरफ जिंदगी की रफ्तार को कम कर दिया है, तो वहीं अब लोगों को राहत देने वाली खबर भी सामने आई है. दावा किया जा रहा है कि रूस के वैक्सिन के ट्रायल को मंजूरी मिल गई है. देश भर के 12 सेंटरों में इस पर शोध किया जा रहा है. यह माना जा रहा है कि अगले 1 से 2 महीने बाद यह वैक्सीन लोगों तक पहुंच सकती है. देशभर के 12 सेंटरों में कानपुर का मेडिकल कॉलेज भी शामिल है.

माना जा रहा है कि कानपुर मेडिकल कॉलेज में दिवाली के बाद वैक्सीन का ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा. इसको लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन काफी खुश है क्योंकि देश भर के 12 सेंटरों में कानपुर के मेडिकल कॉलेज को यह मौका मिला है. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल आरबी कमल का कहना है कि कोरोना की वैक्सिन का भारत में फेस 3 डॉ रेड्डी लैब्स के सहयोग से हो रहा है. ट्रायल के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से अप्रूवल मिल चुकी है. वैक्सीन के फेस 2 और फेस 3 ट्रायल के साथ के अध्ययन के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने भी सहमति जताई है. यह वैक्सीन 200 वालंटियर यानी स्वस्थ व्यक्तियों को 21 दिन के अंतराल में लगाई जाएगी. इसके बाद 7 माह तक उनमें प्रतिरोधक क्षमता का अध्ययन किया जाएगा.

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यूपी सरकार की तैयारी
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शहरों जैसी सुविधाएं गांवों तक देने की योजना पर काम करना शुरू कर दिया है. कुछ समय पहले राज्य के नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों के आकार में बदलाव किया गया. सूबे के अधिकांश जिलों के नए सिरे से हुए परिसीमन में ये बदलाव देने को मिला है. अब इसी क्रम में योगी सरकार 1 लाख से अधिक आबादी वाले सभी कस्बों और 20 हज़ार से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों में शहरी सुविधाएं देने जा रही है.

सरकार की तैयारी के अनुसार 1 लाख से अधिक आबादी वाले कस्बों व नगर पंचायतों को नगर पालिका परिषद का दर्जा मिलेगा. वहीं 20 हज़ार की आबादी वाली ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाएगा. नगर विकास विभाग को 31 दिसंबर तक इसके लिए मोहलत दी गई है. जनगणना के बाद ये प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इसके बाद नए निकायों का गठन और सीमा विस्तार का काम रोक दिया जाएगा.
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