हाथरस के अधिकारी बोले- शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आधी रात में किया पीड़िता का अंतिम संस्कार

दरअसल, परिजन रात में शव का अंतिम संस्कार नहीं करना चाहते थे, जबकि पुलिस तुरंत अंतिम संस्कार कराना चाहती थी. इसके बाद आधी रात के बाद करीब 2:40 बजे बिना किसी रीति रिवाज के और परिजनों की गैरमौजूदगी में पीड़िता का अंतिम संस्कार कर दिया गया. इतना ही नहीं पुलिस और पीएसी के जवानों ने घेराबंदी कर मीडिया को भी कवरेज करने से रोक दिया (Source: News18)
दरअसल, परिजन रात में शव का अंतिम संस्कार नहीं करना चाहते थे, जबकि पुलिस तुरंत अंतिम संस्कार कराना चाहती थी. इसके बाद आधी रात के बाद करीब 2:40 बजे बिना किसी रीति रिवाज के और परिजनों की गैरमौजूदगी में पीड़िता का अंतिम संस्कार कर दिया गया. इतना ही नहीं पुलिस और पीएसी के जवानों ने घेराबंदी कर मीडिया को भी कवरेज करने से रोक दिया (Source: News18)

हाथरस में पीड़िता का देररात जबरन अंतिम संस्कार कराए जाने की खबर को लेकर एसपी विक्रांत वीर को उनके मोबाइल नंबर पर फोन किया गया तो न्यूज18 हिंदी का नाम सुनकर तीन बार फोन काट दिया. फिर जब उन्हें व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा गया तो उन्होंने उसका भी कोई जवाब नहीं दिया.

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  • Last Updated: September 30, 2020, 10:32 AM IST
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 हाथरस. उत्तर प्रदेश के हाथरस (Hathras) में कथित गैंगरेप और प्रताड़ना की शिकार युवती का आधी रात को जबरन बिना रीति रिवाज के अंतिम संस्कार (Crimation) कर दिया गया. घर वालों को शव भी नहीं दिया गया. यह आरोप हाथरस पुलिस (Hathras Police) और प्रशासन पर लगे हैं. हालांकि हाथरस के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा ने इन आरोपों को गलत बताया है. उनका कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीड़िता (Victim) के परिवार वालों की अनुमति से और उनके सहयोग से अंतिम संस्कार किया गया है. इसमे किसी भी तरह की कोई अड़चन नहीं आई. बाकी के सभी आरोप बेबुनियाद हैं. वहीं इस बारे में जब पुलिस अधिकारियों (Officers) से बात करनी चाही तो उन्होंने मना कर दिया.

सीओ चंदपा थाना बोले- इस मामले में मेरे कप्तान से ही बात करें

क्या पीड़िता का अंतिम संस्कार जबरन रात में किया गया. पीड़ित परिवार को शव भी नहीं दिया गया. मृतका का चेहरा भी घर वालों को नहीं दिया गया. अंतिम संस्कार के लिए परिवार से अनुमति भी नहीं ली गई. इन आरोपों पर बात करने के लिए सबसे पहले सादाबाद के सर्किल अफसर ब्रह्रम सिंह से बात की गई. चंदपा थाना और पीड़ित परिवार का गांव इन्हीं के इलाके में आता है. सीओ ने पूरी बात सुनने के बाद कहा कि इस मामले पर मैं कुछ नहीं बोल सकता है. बेहतर होगा कि आप मेरे कप्तान से बात कर लें.



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हाथरस पुलिस की ओर से सोशल मीडिया पर जारी किया गया बयान.

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वहीं जब हाथरस के एसपी विक्रांत वीर को उनके मोबाइल नंबर पर फोन किया गया तो न्यूज18 हिंदी का नाम सुनकर उन्होंने तीन बार फोन काट दिया. फिर जब उन्हें व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा गया तो उन्होंने उसका भी कोई जवाब नहीं दिया.

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सोशल मीडिया पर पुलिस ने यह दिया जवाब

पीड़िता के अंतिम संस्कार से जुड़ी खबरों पर आज सुबह हाथरस पुलिस ने एक बयान जारी किया है. पुलिस ने अपने बयान में कहा है, 'कुछ लोग सोशल मीडिया पर असत्य खबर फैला रहे हैं कि पीड़िता का अंतिम संस्कार जबरन और परिवार की बिना मर्जी के किया गया है. हम इसका खंडन करते हैं. यह पूरी तरह से गलत है. हकीकत यह है कि पुलिस की मौजूदगी में परिवार वालों ने पूरे रीति रिवाज से अंतिम संस्कार किया है.'
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