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गोरखपुर: COVID-19 वैक्सीनेशन से पहले CM योगी की बड़ी अपील, भगदड़ न मचाएं, अपनी बारी का करें इंतजार

कोरोना वैक्सीनेशन से पहले सीएम योगी ने बड़ा बयान दिया है.
कोरोना वैक्सीनेशन से पहले सीएम योगी ने बड़ा बयान दिया है.

Corona Vaccine: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने लोगों से अपील की है कि वो वैक्सीन के लिए भगदड़ न मचाएं. सभी को अपनी बारी का इंतजार करना चाहिए. टीकाकरण के लिए जब जिसे बुलाया जाए वहीं पहुंचें. अनावश्यक भीड़ न लगाएं.

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गोरखपुर. लंबे समय से हो रहा इंतजार खत्म हो गया. गोरखपुर में भी कोविड-19 वैक्सीन (COVID-19 Vaccine) की 28 हजार डोज स्पाइस जेट के विमान से मुंबई से गोरखपुर (Gorakhpur) पहुंची. एयरपोर्ट पर वहां के अधिकारियों ने वैक्सीन का स्वागत किया. इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच इसे भंडारण गृह में पुलिस की सुरक्षा और सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रखा गया. इन टीकों को पुलिस की निगरानी में जिले के अलग-अलग हिस्सों में बने 38 कोल्ड चेन प्वाइंट तक पहुंचाया जाएगा. वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील की है कि वो वैक्सीन के लिए भगदड़ न मचाएं. सभी को अपनी बारी का इंतजार करना चाहिए. टीकाकरण के लिए जब जिसे बुलाया जाए वहीं पहुंचें. अनावश्यक भीड़ न लगाएं.

सीएमओ डॉक्टर सुधाकर पांडेय का कहना है कि 16 जनवरी को प्रथम चरण में स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जाएगा. उस दिन 20 केन्द्रों पर टीकाकरण किया जाएगा. उन्होने लोगों से अपील कि है कि जब तक सभी लोगों को कोविड का टीका न लग जाये तब तक कोविड प्रोटोकाल का पालन करते रहना है. टीकाकरण चरणबद्ध ढंग से ही होगा. अभी इसकी पहली डोज सिर्फ जिले भर के करीब 26000 स्वास्थ्यकर्मियों को लगने जा रही है. टीका करण के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनीसेफ,CHAI और यूएनडीपी के प्रतिनिधि तकनीकी सहयोग देंगे.

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 स्वास्थ्यकर्मियों को ही लगेगा टीका 
सीएमओ का कहना है कि फिलहाल सिर्फ सरकारी और निजी क्षेत्र के कोविन पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके स्वास्थ्यकर्मियों को ही टीका लगेगा. गैर पंजीकृत लोगों को टीका नहीं लगाया जाएगा. शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार आने वाले समय में फ्रंटलाइन कर्मचारी, 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, एचआईवी और कैंसर जैसी बीमारियों से ग्रस्त लोगों का पंजीकरण करने के बाद ही टीकाकरण की सुविधा मिल सकेगी. इसलिए फिलहाल कोविड-19 से बचाव के लिए सतर्कता ही एक बेहतर विकल्प है. साथ ही कहा कि वैक्सीन की एक खुराक लेने के 28 दिन के भीतर ही दूसरी खुराक भी दी जानी है. कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक प्राप्त करने के दो सप्ताह बाद आमतौर पर एंटीबॉडी का सुरक्षात्मक स्तर विकसित होता है, इसलिए जो स्वास्थ्यकर्मी टीके की पहले खुराक प्राप्त करेंगे उन्हें भी एंटीबॉडी विकसित होने तक सतर्कता का यह व्यवहार जारी रखना होगा.
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