जब CM योगी बोले गोरखपुर में सिर्फ मंदिर ही नहीं, जनता को इमामबाड़ा और चर्च भी घुमाओ

सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. (फाइल फोटो)

सीएम योगी (CM Yogi Adityanath) के आदेश पर संत कबीर (Sant Kabeer) की निर्वाण स्थली मगहर को विश्व स्तर का पर्यटक (Tourist) स्थल बनाए जाने की तैयारी चल रही है.

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गोरखपुर. ज्यादा से ज्यादा लोगों को गोरखपुर (Gorakhpur) से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) एक नई पहल शुरु करने जा रहे हैं. उनका कहना है कि गोरखपुर में सिर्फ मंदिर (Temple) ही नहीं है. यहां जनता के देखने और जाने के लिए इमामबाड़ा (Imambara) और चर्च (Church) भी हैं. अपने नारे “हर हाथ रोजगार (Employment) के” को पूरा करने के लिए सीएम योगी गोरखपुर और बस्ती (Basti) मंडल में पर्यटन (Tourism) को बढ़ावा देने के लिए धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ हेरिटेज पर्यटन को भी बढ़ावा देने की मुहिम में लगे हुए हैं. इस कड़ी में अभी तक गोरखपुर-बस्ती मंडल में 100 से ज्यादा हेरीटेज इमारतों को चिन्हित किया जा चुका है.

सीएम योगी की पहल को ऐसे साकार कर रहा है पर्यटन विभाग  

गोरखपुर-बस्ती मंडल में पर्यटन को बढ़ावा देने वाली सीएम योगी की मंशा को देखते हुए पर्यटन विभाग ने पहल तेज कर दी है. सूबे में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए हर रोज विभाग नये-नये प्रयास कर रहा है. इसी कड़ी में विभाग गोरखपुर और बस्ती मंडल में पर्यटको को आकर्षित करने के लिए उन्हे हेरिटेज भवनों को दिखाने की कोशिश करेगा. हेरिटेज भवनों में हुई नक्काशी, भवन बनाने की विधि से लेकर उसकी खासियत के बारे में पर्यटकों को बताया जायेगा.

सवांरे जा रहे हैं 1857 की क्रांति के गवान बने भवन

पर्यटन विभाग ने 1857 की पहली क्रांति के गवाह रहे गोरखपुर और बस्ती मंडल के हेरिटेज भवनों का चिन्हीकरण शुरु कर दिया है. अभी तक 100 हेरिटेज भवन मिले हैं. पर्यटन विभाग क मकसद है कि इन भवनो का रख-रखाव बेहतर कर इससे पर्यटकों को आकर्षित किया जाए. धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ हेरिटेज पर्यटन की तरफ ध्यान दिया जा रहा है. विदेश से आने वाले पर्यटकों को हेरिटेज के माध्यम से भी आकर्षित करने की योजना बनाई जा रही है.  गोरखपुर के बसंत सराय, मोती जेल, मोती जेल का खूनी कुंआ, रीड साहब धर्मशाला, जिला कारागर, डोमिनगढ़ का किला, इमामबाड़ा, चर्च सहित कई हेरिटेज भवन हैं.

मंदिर और जामा मस्जिद पर भी हो रहा काम

पर्यटन विभाग का कहना है कि धार्मिक पर्यटन के तहत गोरखनाथ मंदिर, मानसरोवर, शीशमहल मंदिर, सूर्यकुंड, धामस संगी मस्जिद, जामा मस्जिद प्रमुख हैं. गीता प्रेस के साथ-साथ गीता वाटिका में भी पर्यटकों को आकर्षित योजना है. वहीं कुशीनगर में भगवान बुद्ध की परिनिरर्वाण स्थली को देखने आने वाले पर्यटक गोरखपुर में रुके और यहां से संतकबीरनगर के मगहर और बस्ती के धार्मिक स्थलों को भी देंखे, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं.

पर्यटन विभाग के अधिकारियों की मंशा है कि गोरखपुर और उसके आस-पास आने वाले पर्यटक इसी क्षेत्र में रात को रूकें और अगले दिन फिर घूम कर जायें.  अगर कोई पर्यटक गोरखपुर में गोरक्षनाथ मंदिर देखने आता है, तो उसे इमामबाड़ा के बारे में बताया जायेगा. साथ ही उसे चर्च के बारे में जिक्र किया जायेगा.

नेपाल जाने वाले पर्यटकों को रोकने की भी है मंशा

पर्यटन अधिकारियों का कहना है कि पर्यटक अगर गोरखपुर में रूकेंगे तो यहां पर कई तरह का रोजगार बढ़ेगा. गोरखपुर और इसके आस-पास देखने और घूमने के लिए कई जगहें हैं. लेकिन आज पर्यटक यहां पर रुकता नहीं है. नेपाल जाने वाले पर्टयक यहां से होकर चले जाते हैं. कुशीनगर जाने वाले पर्यटक भी बहुत कम संख्या में रात को यहां रुकते हैं. ज्यादातर पर्यटक दिन में ही वापस चले जाते हैं.

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