सीएम योगी बोले- उप सभापति हरिवंश ने अपमान के जवाब में प्रेम और आदर का प्रेरणास्पद उदाहरण किया प्रस्तुत

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने ट्वीट किया है, ‘भगवान बुद्ध का संदेश है...'अपमान पर उत्तेजित होने के स्थान पर स्वयं को संतुलित रखना ही श्रेयस्कर है. यही धर्म है.'

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  • Last Updated: September 22, 2020, 12:14 PM IST
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लखनऊ. राज्यसभा में सांसद के निलंबन को लेकर बवाल मचा हुआ है. एक तरफ निलंबन वापसी की मांग को लेकर कई सांसद धरने पर बैठे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ मंगलवार को राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह (Harivansh Narayan Singh) खुद धरने पर बैठे इन सांसदों के लिए चाय लेकर पहुंचे. उनके इस कदम की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने सराहना की है.

अपमान पर स्वयं को संतुलित रखना ही श्रेयस्कर है

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया है, "भगवान बुद्ध का संदेश है...'अपमान पर उत्तेजित होने के स्थान पर स्वयं को संतुलित रखना ही श्रेयस्कर है. यही धर्म है.' राज्यसभा के माननीय उप सभापति श्री हरिवंश जी ने अपमान के प्रतिउत्तर में प्रेम और आदर का जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह अनुपम है, प्रेरणास्पद है. सबको सन्मति दे भगवान!"





पीएम मोदी ने भी की सराहना

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हरिवंश की प्रशंसा की. उन्होंने ट्वीट किया, “जिन्होंने कुछ दिन पहले उन पर हमला किया और अपमानित किया और अब धरने पर बैठे हैं, उन्हें व्यक्तिगत तौर पर चाय पेश करना साबित करता है कि हरिवंश जी का मन विनम्र और दिल बड़ा है. ये उनकी महानता दर्शाता है. मैं पूरे देश के साथ उन्हें बधाई देता हूं.”

एक दिन के उपवास का किया है ऐलान

बता दें राज्यसभा में कृषि विधेयकों को पारित करने के दौरान विपक्षी सांसदों के व्यवहार से दुखी उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा है कि वह इसे लेकर एक दिन के उपवास पर बैठेंगे. हरिवंश ने इस पूरे मामले को लेकर उपराष्‍ट्रपति व राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) को पत्र लिखा है. उन्‍होंने पत्र में कहा कि 20 सितंबर को राज्‍यसभा में जो कुछ भी हुआ, उससे मैं पिछले दो दिनों से आत्‍मपीड़ा, आत्म तनाव और मानसिक वेदना में हूं. मैं पूरी रात सो नहीं पाया.

ये लिखा है पत्र में

हरिवंश ने पत्र में लिखा है, 'भगवान बुद्ध मेरे जीवन के प्रेरणास्रोत रहे हैं. बिहार की धरती पर ही आत्‍मज्ञान पानी वाले बुद्ध ने कहा था- आत्‍मदीपो भव:. मुझे लगा कि उच्‍च सदन के मर्यादित पीठ पर मेरे साथ जो अपमानजनक व्‍यवहार हुआ,उसके लिए मुझे एक दिन का उपवास करना चाहिए. शायद मेरे इस उपवास से सदन में इस तरह का आचरण करने वाले माननीय सदस्‍यों के अंदर आत्‍मशुद्धि का भाव जागृत हो जाए.'

उप सभापति ने पत्र में आगे लिखा, 'मेरा यह उपवास इसी भावना से प्रेरित है. बिहार की धरती पर पैदा हुए राष्‍ट्रकवि दिनकर दो बार राज्‍यसभा के सदस्‍य रहे. कल 23 सितंबर को उनकी जन्‍मतिथि है. आज यानी 22 सितंबर की सुबह से कल 23 सितंबर की सुबह तक मैं इस अवसर पर 24 घंटे का उपवास कर रहा हूं.' उन्‍होंने कहा है कि कामकाज प्रभावित ना हो, इसलिए मैं उपवास के दौरान भी राज्‍यसभा के कामकाज में नियमित और सामान्‍य रूप से भाग लूंगा.

उप सभापति ने पत्र में लिखा, 'मेरा मानना है कि वर्तमान में हारा सदन प्रतिभावान और कमिटेड सदस्‍यों से भरा हुआ है. इस सदन में आदर्श सदन बनने की पूरी क्षमताएं हैं. ऐसा हमने हर बहस में देखा. पर महज एक सप्ताह में मेरा ऐसा आहत करने वाला कटु अनुभव होगा, कल्‍पना नहीं की थी.' उप सभापति हरिवंश ने कहा है, 'मेरे सामने 20 सितंबर को उच्‍च सदन में जो दृश्‍य हुआ, सदन व आसन की मर्यादा को अकल्‍पनीय क्षति पहुंची है. सदन के माननीय सदस्‍यों द्वारा लोकतंत्र के नाम पर हिंसक व्‍यवहार हुआ.'

ये है पूरा मामला

बता दें कि संसद के मॉनसून सत्र के दौरान रविवार को राज्‍यसभा में कृषि विधेयकों पर काफी हंगामा देखने को मिला था. कुछ राज्‍यसभा सदस्‍यों ने उपसभापति हरिवंश के साथ अमर्यादित आचरण तक किया. इसके बाद 8 सांसदों को सोमवार को सभापति वेंकैया नायडू ने पहले हफ्ते भर और फिर पूरे सत्र के लिए  निलंबित कर दिया.
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