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कांग्रेस ने अति पिछड़ा वर्ग का सम्मेलन कर विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- पिछड़ों के दम पर सत्ता पाने वाले उनको भूल गये

उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने आज अति पिछड़ा वर्ग का सम्मेलन कर अपनी ताकत दिखाई.
उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने आज अति पिछड़ा वर्ग का सम्मेलन कर अपनी ताकत दिखाई.

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly elections) के लिए कांग्रेस (Congress) ने सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है. कांग्रेस ने अति पिछड़ा वर्ग का सम्मेलन कर ताकत दिखाई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 19, 2021, 8:56 PM IST
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लखनऊ. साल 2022 में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में होने वाले विधानसभा चुनाव(Assembly Elections) के लिए कांग्रेस ने यूपी में सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है. वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के जातिगत समीकरणों को देखते हुए बहुसंख्यक पिछडे़ (Backward) और अति पिछडे वर्ग को साधने के लिए कांग्रेस (Congress) ने कवायद शुरू कर दी है.

इसके तहत आज राजधानी लखनऊ स्थित कांग्रेस मुख्यालय पर कांग्रेस ने ना सिर्फ अति पिछड़ा वर्ग के सम्मेलन का आयोजन किया. बल्कि इस दौरान कांग्रेस द्वारा पिछड़ों को दिये गये अधिकारों को अब सपा, बसपा और सत्ताधारी भाजपा सरकार द्वारा छीनने का आरोप लगाया.

राजधानी लखनऊ स्थित कांग्रेस मुख्यालय पर आयोजित इस अति पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में सबसे पहले प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे अति पिछडे़ वर्ग के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने अति पिछडे़ वर्ग के दर्द को साझा किया. एक-एक कर जिसकी जितनी हिस्सेदारी, उसकी उतनी संख्या भारी जैसे नारा लगाकर पिछड़ों के अधिकारों को छीनने वाले दलों पर जमकर निशाना साधा.




जिसके बाद इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू ने कहा कि आजादी के बाद से कांग्रेस ने ही पिछड़े वर्ग के लोगों को लिखित में अधिकार देकर शोषित-वंचितों के हितों में कई दशकों तक काम किया है. लेकिन 1989 के बाद पिछडड़ों के बल पर ही सत्ता हासिल करने वाले सपा, बसपा और भाजपा द्वारा ही पिछडे़ वर्ग के लोगों का अधिकार छीन लिया गया.

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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि पहले तो सपा, बसपा और भाजपा जैसे राजनैतिक दलो ने 'जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी' का नारा लगाकर सत्ता हासिल कर ली, लेकिन सत्ता में आने के बाद न तो पिछड़ों को पद मिला न नौकरी और न ही उनको अन्य अधिकार मिले. मौजूदा सरकार तो कांट्रैक्ट पर नौकरी को बढ़ावा देकर आरक्षण खत्म कर देना चाहती है. जिसके चलते प्रदेश में 69 हजार शिक्षक भर्ती में भी पिछड़ों को आरक्षण नहीं दिया गया. पहले जिन नदी, नाला, पोखरों और जमीनों पर पिछड़ों का अधिकार था. अब उसे भी छीनकर उद्योगपतियों और कंपनियों को दिया जा रहा है.

इस सरकार ने पिछडे वर्ग के नौजवानो की छात्रवृत्ति भी खत्म कर पिछडो को पूरी तरह से धोखा देने का काम किया है. जिसके चलते कांग्रेस ने अब इस अति पिछडे महासम्मेलन में इनके न्याय की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया है. जिसके तहत अब पिछड़ों को एकजुट कर उनका हक दिलाने के लिये कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी.
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