Corona in UP: इटावा में कोरोना संक्रमित महिला की ऑक्सीजन के अभाव में मौत, परिजनों ने किया हंगामा

इटावा में ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिलने की वजह से अस्पताल में एक महिला की मौत हो गई है.

इटावा में ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिलने की वजह से अस्पताल में एक महिला की मौत हो गई है.

इटावा (Etawah) में कोरोना संक्रमित (Corona Infection) महिला को अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं मिलने से मौत हो गई है, जिसके बाद महिला के परिजनों ने अस्पताल (Hospital) में हंगामा किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 20, 2021, 7:32 PM IST
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इटावा. उत्तर प्रदेश के इटावा (Etawah) जिले में कोरोना संक्रमित (Corona Infection) महिला की एमसीएच विंग में ऑक्सीजन नहीं मिलने के चलते मौत हो गई. असल में कोरोना संक्रमित महिला को अस्पताल लाया गया. लेकिन, वैंटीलेटर ऑपरेटर के अभाव में उसको भर्ती नहीं किया गया, जिसके कारण महिला की मौत हो गई. इटावा के सीएमओ डॉ. एन.एस. तोमर ने बताया कि कोरोना संक्रमित महिला की मौत के बाद यह तथ्य सामने आया है कि एमसीएच विंग में वेंटीलेटर चलाने के लिए ऑपरेटर नहीं है. उनको नियुक्त करने के लिए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी गई. उन्होंने कहा कि अभी ऑपरेटर नहीं है, इसकी भर्ती की जा रही है.

12 वेंटीलेटर चलाने के लिए कम से कम 12 लोगों की जरूरत पड़ेगी. एक हफ्ते में यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा. कोरोना प्रोटोकाल का पालन करने के सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं. मुख्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय संयुक्त चिकित्सालय के 100 शैय्या एमसीएच विग का हाल तो बहुत ही बुरा है. यहां पर 12 वेंटीलेटर सजाकर रखे गए हैं. लेकिन, उनको चलाने वाला ऑपरेटर ही नहीं है. स्वास्थ्य विभाग कह रहा है कि अब ऑपरेटरों का इंतजाम किया जा रहा है. यह अव्यवस्था का एक नजारा मात्र है. हालांकि इसके दुष्परिणाम आम लोगों को भोगने पड़ रहे हैं. मंगलवार को प्रात: 10 बजे मुन्नी का अड्डा में रहने वाली कोविड पॉजिटिव 70 वर्षीय वृद्ध महिला की केवल इसलिए मौत हो गई कि उन्हें दो घंटे तक एमसीएच विग में प्रवेश नहीं मिला.

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जब तक इलाज शुरू हुआ तो डॉ. अब्दुल कादिर ने उनकी हालत को खराब देखते हुए उन्हें सैफई मेडिकल यूनीवसिर्टी रेफर कर दिया. अगर एमसीएच विग में वेंटीलेटर होता तो शायद वृद्ध महिला को सैफई रेफर करने की जरूरत न पड़ती. हालात यह हुई कि वृद्ध महिला सैफई नहीं पहुंच पाई और उसकी रास्ते में ही मौत हो गई. स्वजन संदीप ने कहा कि वृद्धा की रास्ते में ही एंबुलेंस में मौत हो गई. सैफई अस्पताल नहीं पहुंच पाई. प्रोटोकाल का कोई पालन नहीं हैरानी बात और भी है कि अस्पतालों में ही कोविड प्रोटोकाल का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है. मुन्नी का अड्डा की रहने वाली 70 वर्षीय महिला को जब एमसीएच विग से सैफई ले जाया जा रहा था तो उसको अंदर से स्ट्रेचर पर लाने वाले वार्ड ब्वॉय पहले तो पीपीई किट में नहीं थे और न ही उनके हाथ में ग्लब्स थे.
उन्होंने वृद्ध महिला के स्वजन के सहयोग से उसे उठाकर एंबुलेंस में रखवाया. ताज्जुब की बात और है कि उसी एंबुलेंस में ही स्वजन को भी बैठा दिया गया. वृद्ध महिला की सांसें चल रहीं थीं. सवाल यहां यह भी है कि खतरा स्वजन के लिए भी पैदा हो गया. किसी ने यह भी बताने की जहमत नहीं उठाई कि कोविड पॉजिटिव मरीज से उन्हें भी कोरोना हो सकता है. कोविड के लिए बनाया गया कंट्रोल रूम पर सुनवाई नहीं होने से लोगों के फोन सीएमओ डॉ. एनएस तोमर पर आ रहे हैं.
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