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COVID-19: यूपी 112 पर फोन कर 17 लोगों ने खुद को बताया कोरोना संदिग्ध
Lucknow News in Hindi

Rishabh Mani | News18 Uttar Pradesh
Updated: March 26, 2020, 1:44 AM IST
COVID-19: यूपी 112 पर फोन कर 17 लोगों ने खुद को बताया कोरोना संदिग्ध
लॉक डाउन के दौरान उत्‍तर प्रदेश पुलिस की इमरजेंसी सेवा ‘यूपी-112’ लोगों की मदद करने में जुटी हुई है. (फाइल फोटो)

खांसी और बुखार से पीड़ित 17 लोगों ने उत्‍तर प्रदेश पुलिस (Uttar Pradesh Police) की हेल्‍पलाइन 112 पर कॉल कर बताया है कि वे बीते दिनों विदेश से लौटे हैं और कोरोना पीड़ित होने की आशंका है.

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लखनऊ: कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण को रोकने के लिए सरकार एक तरफ चिकित्‍सा सुविधाओं को बेहतर से बेहतर करने की कवायद में जुटी हुई है, वहीं दूसरी तरह लोगों को इस महामारी के बारे में जागरूक भी कर रही है. अब लोग न केवल खुद को इस महामारी से बचाना चाहते हैं, बल्कि वह नहीं चाहते कि उनकी वजह से कोई दूसरा इस महामारी का शिकार बने. यही वजह है कि बीते दिनों उत्‍तर प्रदेश पुलिस के इमरजेंसी सर्विस नंबर 112 पर 17 लोगों ने फोन कर कोरोना संदिग्‍ध होने की जानकारी दी. जिसके बाद, उत्‍तर प्रदेश पुलिस ने फोन करने वाले इन लोगों का संपर्क स्‍थानीय स्‍वास्‍थ्‍य विभाग से कायम कराया और मेडिकल जांच में उनकी मदद की.

अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक असीम अरुण ने बताया कि यूपी पुलिस की इमरजेंसी सर्विस पर सूबे के अलग अलग इलाकों से 17 ऐसे लोगों ने फोन किया है, जिन्‍हें शक है कि वे कोरोना वायरस से पीड़ित हो सकते हैं. उन्‍होंने फोन पर पुलिस को जानकारी दी थी कि बीते दिनों वे सब विदेश यात्रा कर वापस आए हैं. उन्‍हें तेज बुखार और खांसी की शिकायत है. लिहाजा हो सकता है कि वह भी कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आ गए हों. असीम अरुण ने बताया कि इन फोन कॉल्‍स पर तत्‍काल कार्रवाई करते हुए स्‍थानीय स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के डॉक्‍टर्स से संपर्क कर इन संदिग्‍धों की जानकारी साझा की गई. साथ ही, फोन करने वालों को स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अधिकारियों से बातीचीच कराई कर मेडिकल जांच के लिए भेजा गया.

9000 लोगों ने फोन कर यूपी पुलिस से मांगी मदद
कोरोना महामारी की घड़ी में यूपी पुलिस की इमरजेंसी सर्विस 112 अधिक तेजी के साथ सक्रिय हो गई है. खुद मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा था कि किसी भी तरह की जरूरत की घड़ी में वह यूपी 112 पर संपर्क कर कसते हैं. उन्‍होंने भरोसा दिलाया था कि पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मी मदद पहुंच जाएंगे. मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ से मिले इसी भरोसे के आधार पर 25 मार्च की शाम 7 बजे तक करीब 9 हजार लोगों ने यूपी 112 पर कॉल कर पुलिस से मदद से मदद मांगी. इसमें 1300 लोग ऐसे थे, जिन्‍होंने राशन के लिए पुलिस से मदद मांगी थी. इसके अलावा, इस दौरान 2400 कॉल्स कोरोना के संदिग्ध मरीज़ों की जानकारी देने के लिए आई, 5 कॉल्स कोरोना संदिग्धों के आसपास से भागने और 368 कॉल्स ट्रैफिक को लेकर आईं. वहीं लॉकडाउन के बावजूद भीड़ जुटने की 3200 शिकायतें यूपी 112 को मिली थीं.



न जेब में रुपए हैं और न घर में राशन, मदद करो
उत्‍तर प्रदेश पुलिस के इमरजेंसी नंबर 112 पर आई 9000 कॉल्‍स में एक कॉल नोएडा के सेक्‍टर 59 से थी. कॉलर ने यूपी 112 को बताया कि वो जिस कंपनी में काम करता है, वो बंद हो गई है. आखिरी वेतन का जो चेक मिला है, उसे वह लॉक डाउन के चलते भुना नहीं पा रहा है. अब न जेब में रुपए हैं और न ही घर में राशन बचा है. अब आपसे ही मदद का सहारा है. इसी तरह, मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र से एक महिला ने फोन कर राशन का इंतज़ाम करने को कहा था.

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First published: March 26, 2020, 1:44 AM IST
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