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COVID-19: क्‍वारेंटाइन के बाद ही गांव में मिलेगा प्रवेश, ग्रामीणों की घेरेबंदी
Fatehpur News in Hindi

KARUNA SINDHU CHATURVEDI | News18 Uttar Pradesh
Updated: April 6, 2020, 10:46 AM IST
COVID-19: क्‍वारेंटाइन के बाद ही गांव में मिलेगा प्रवेश, ग्रामीणों की घेरेबंदी
बिना क्‍वारेंटाइन गांव में दाखिल होने से रोकने के लिए की गई बैरिकेडिंग.

बड़े शहरों से लगातार गांव की तरफ बढ़ रहे कामगारों के कदमों ने बाकी गांव वालों को परेशानी में डाल दिया है. गांव वालों को डर है कि कहीं कोरोना वायरस (Coronavirus) इन कामगारों के साथ-साथ गांव न चला आए.

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फतेहपुर (Fatehpur). कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण को वैश्विक महामारी (Global Epidemic) घोषित किया जा चुका है. वहीं, कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए दूसरे राज्‍यों में काम करने वाले कामगारों (Labors) ने अपने गांव वापसी शुरू कर दी है. बड़े शहरों से लगातार गांव की तरफ बढ़ रहे कामगारों के कदमों ने बाकी गांववालों को परेशानी में डाल दिया है. गांव वालों को डर है कि कहीं कोरोना का वायरस इन कामगारों के साथ-साथ गांव न चला आए.

कोरोना वायरस संक्रमण के इस डर से फतेहपुर जिले का उमरी गांव भी अधूता नहीं है. इसी डर का नतीजा है कि उमरी गांव के निवासियों ने एक कड़ा फैसला लेते हुए खुद की सुरक्षा खुद ही करने का फैसला कर लिया है. गांव वालों ने फैसला किया है कि शहर से आने वाले ऐसे किसी भी शख्‍स को गांव में दाखिल होने की इजाजत नहीं दी जाएगी, जिसने सरकार द्वारा लगाए गए क्‍वारेंटाइन कैंप में 14 दिन नहीं गुजारा है. क्‍वारेंटाइन के बाद ही, किसी कामगार को गांव में प्रवेश करने की इजाजत दी है. वहीं, इस बात को सुनिश्‍चित करने के लिए गांव वालों ने गांव की तरह आने वाले सभी रास्‍तों में बैरिकेडिंग कर खुद का पहरा बैठा दिया है.

शिफ्ट में ग्रामीण दे रहे हैं पहरा
मालवा विकास खंड के उमरी गांव के बाहर लगाए गए इस बैरियर के पास गांव के नौजवान बाकायदा अगल अगल शिफ्टों में पहरा दे रहे है, जिससे बैरियर तोड़कर कोई भी बाहरी व्यक्ति गांव में प्रवेश न कर सके. खास बात यह है कि पहरेदारी के दौरान ये लोग सोशल डिस्टेंसिंग का भी कड़ाई से पालन कर रहे हैं. गांव के बाहर लगे बैरियर पर पहरेदारी कर रहे प्रमोद सिंह का कहना है कि हाल के दिनों में नोएडा और दिल्ली में नौकरी करने वाले इलाके के तमाम नौजवान अपने घरों को लौटकर वापस आये है इन नौजवानों के गांव में वापस आने के बाद इन गांव में रहने वाले लोगों में कोरोना संक्रमण का भय सताने लगा है.



14 दिन का क्‍वारेंटाइन अनिवार्य


प्रमोद सिंह ने बताया कि हमारे गांव के रहने वाले जो युवा दिल्ली और नोएडा में रहकर नौकरी कर रहे है. वह गांव आने के पहले 14 दिनों तक जिला प्रशासन द्वारा बनाये गए कवारेंटाइन सेंटरों में रहें और सीधे गांव न आये. उन्‍होंने बताया कि इसके लिए पूरे गांव की सहमति से यह बैरियर लगाया गया है. वहीं इस मामले में गांव के ही महेंद्र कुमार का कहना है कि गांव में कोई बाहरी प्रवेश न करें और लोग बिना किसी मतलब के गांव के बाहर न जाएं.

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First published: April 6, 2020, 10:42 AM IST
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