COVID-19: मंडल कारागार में लगी विशेष अदालत, 61 कैदियों की जमानत हुई मंजूर

तीन अपर जिला न्यायाधीश और दो ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने विचाराधीन 135 मामलों की सुनवाई की गई. (फाइल फोटो)
तीन अपर जिला न्यायाधीश और दो ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने विचाराधीन 135 मामलों की सुनवाई की गई. (फाइल फोटो)

प्रशासनिक आदेश के तहत जमानत (Bail) पर रिहा किए गए सभी विचाराधीन बंदियों (Under trail prisoners) को पुलिस (Police) अपने वाहन से उनके घरों तक पहुंचाएगी.

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अयोध्या. वैश्विक महामारी का रूप धारण कर चुके कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण लेकर लागू लॉक डाउन (Lockdown) के बीच सोमवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के निर्देश पर मंडल कारागार में अदालत लगाई गई. जनपद न्यायाधीश की ओर से नामित 3 अपर जिला न्यायाधीश और दो जुडिशल मजिस्ट्रेट की अदालत ने 7 वर्ष या इससे कम सजा वाले मामलों की सुनवाई की.

सुनवाई के उपरांत अदालत ने कुल 61 लोगों को जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी किया है. स्पेशल अदालत की ओर से जमानत पर रिहा करने का आदेश दिए जाने के बाद अब संबंधित विचाराधीन बंदियों को रिहा किए जाने को लेकर कागजी औपचारिकताओं की कवायद पूरी कराई जा रही है. प्रशासनिक आदेश के तहत जमानत पर रिहा किए गए सभी विचाराधीन बंदियों को पुलिस अपने वाहन से उनके घरों तक पहुंचाएगी.

सुप्रीम कोर्ट ने जारी की थी एडवाइजरी
कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से प्रदेश सरकारों को एडवाइजरी जारी की गई थी कि 7 साल या इससे कम सजा वाले अपराधों में आरोपियों को अभियान चलाकर जमानत दी जाए. साथ ही, सिद्धदोष मामलों में सजायाफ्ता लोगों को 8 सप्ताह की विषेश पे रोल मंजूर की जाए. वर्तमान में कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर सभी जनपद न्यायालयों को बंद कर दिया गया है. लाक डाउन की तिथियों के दौरान सुनवाई की तिथियों को सामूहिक रूप से अग्रिम आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.
अदालतों में सिर्फ विशेष मामलों की सुनवाई


इलाहाबाद उच्च न्यायालय की ओर से सभी जिलों के जनपद न्यायाधीशों को विशेष मामलों की सुनवाई तय करने का अधिकार दिया है और इसके लिए जजों की विशेष पीठ नियुक्त करने की बात कही है. हाईकोर्ट के आदेश के चलते केवल रिमांड मजिस्ट्रेट ही बैठ रहे हैं. विशेष मामलों की ही सुनवाई हो रही है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और शासन की पहल के बाद जनपद न्यायाधीश की ओर से लंबित मामलों में सुनवाई कर जमानत मंजूरी के लिए मंडल कारागार में 5 विशेष अदालतों को सुनवाई का निर्देश दिया गया.

कारागार में 135 मामलों की हुई सुनवाई
तीन अपर जिला न्यायाधीश और दो ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने विचाराधीन 135 मामलों की सुनवाई की गई. सुनवाई के बाद कुल 61 लोगों की जमानत मंजूर कर दी. जमानत मंजूरी के बाद अब आमला आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गया है. मंडल कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक बृजेश कुमार ने बताया कि मंडल कारागार में 5 विशेष अदालतें लगाई गई थी. इन अदालतों की ओर से कुल विचाराधीन बंदियों के 135 मामलों की सुनवाई की गई और 61 को अंतरिम जमानत मंजूर की गई.

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