COVID-19 ने बिगाड़ी चीनी मिलों की आर्थिक सेहत, 18000 करोड़ तक पहुंचा किसानों का बकाया
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COVID-19 ने बिगाड़ी चीनी मिलों की आर्थिक सेहत, 18000 करोड़ तक पहुंचा किसानों का बकाया
मंत्री ने पूरा गन्ना खरीदने के आदेश दिए हैं फिर भी ऐसा नहीं हो रहा

कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते चीनी मिलों से होने वाला निर्यात (Export) पूरी तरह से ठप्‍प हो गया है. वहीं, घरेलू बाजार (Domestic Market) बंद होने से भी चीनी मिलों (Sugar Mill) की आय पूरी तरह से बंद हो गई है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते खतरे को देखते हुए पूरे प्रदेश में बेहद सख्ती के साथ लॉकडाउन (Lockdown) का पालन कराया जा रहा है. सूबे में जारी इस लॉकडाउन का असर गन्ना किसानों (Sugarcane Farmers) के बकाया भुगतान पर भी पड़ा है. आलम यह है कि किसानों के हजारों करोड़ रुपए के भुगतान की प्रक्रिया इन दिनों पूरी तरह से ठप्‍प हो गई है. चीनी मिलों द्वारा अबतक सिर्फ फरवरी माह तक बेचे गये गन्ना का भुगतान किया जा सका है. जिसके चलते, प्रदेश के लाखों गन्ना किसानों का बकाया अब करीब 18 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गया है. हालांकि इस बीच, गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान कराने के लिये योगी सरकार (Yogi Government) द्वारा हर विकल्प पर विचार किया जा रहा है.

कुछ यूं बिगड़ गई गन्‍ना मिलों की आर्थिक सेहत
न्यूज 18 से बात करते हुए गन्ना एवं चीनी विभाग के प्रमुख सचिव एवं आयुक्त संजय आर. भूसरेड्डी बताते है कि यूपी से काफी अच्छा एक्सपोर्ट चल रहा था. लेकिन, देश-विदेश में कोरोना वायरस के चलते फरवरी से ही एक्सपोर्ट बंद हो गया. वहीं, लॉकडाउन के चलते घरेलू बाजार भी बंद हो गए हैं. जिसके चलते, चीनी मिलों में गन्ने से बनने वाली चीनी के साथ सीरा, एल्कोहल, एथनाल और प्रेसमड की मांग में भी एक बड़ी गिरावट आ गई है. ऐसे में, चीनी मिलों के सभी आय के श्रोत करीब-करीब बंद हो जाने से चीनी मिलों की आर्थिक स्थित बिगड़ गई है, जिसके चलते, अब गन्ना किसानों के बकाया भुगतान की रफ्तार भी बेहद कम हो गई है.

अब बैंकों से कैश क्रेडिट दिलाने की कोशिश



प्रमुख सचिव गन्ना संजय आर. भूसरेड्डी आगे बताते हैं कि योगी सरकार अपने कार्यकाल में अब तक 95 हजार 500 करोड़ का रिकार्ड गन्ना भुगतान करा चुकी है. मौजूदा वर्ष में भी अब तक करीब 17 हजार करोड़ का भुगतान हो चुका है. अब शत-प्रतिशत बकाया भुगतान के लिये भी अपने स्तर से हर संभव प्रयास किया जा रहा है. जिसके तहत, बकाया भुगतान के लिये आर्थिक संकट से जूझ रही यूपी की विभिन्न चीनी मिलों को बैंक से कैश क्रेडिट लिमिट के जरिये मदद दिलाने की कोशिश की जा रही है. इस बाबत योगी सरकार द्वारा भारत सरकार और आरबीआई को पत्र लिखा गया है. वहीं, दूसरी ओर गन्ना किसानों के बकाये के एवज में इच्छुक किसानों को हर माह एक कुंतल चीनी भी न्यूनतम दाम पर उपलब्‍ध कराने का भी निर्देश जारी कर दिया गया है. जिसके चलते, अब किसान बाजार भाव से काफी कम कीमत पर सीधे चीनी मिलों से अपने बकाये के एवज में हर माह एक कुंतल चीनी ले सकते है.



 
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