लाइव टीवी

COVID-19: यूपी के कोरोना योद्धाओं के लिए आगे आईं प्रियंका गांधी, Video शेयर कर कही ये बात
Banda News in Hindi

Anoop Mishra | News18 Uttar Pradesh
Updated: April 5, 2020, 9:00 AM IST
COVID-19: यूपी के कोरोना योद्धाओं के लिए आगे आईं प्रियंका गांधी, Video शेयर कर कही ये बात
आरोप यह भी है कि सेनेटाइजर और मास्‍क मांगने पर मेडिकल स्‍टाफ को हार-पैर तोड़ने की धमकी दी गई है. (फाइल फोटो)

आरोप है कि बांदा के राजकीय मेडिकल कॉलेज (Government Medical Collage) के आइसोलेशन वार्ड में सैनेटाइजर, मास्‍क और ग्‍लब्‍स जैसी आधारभूत चीजें उपलब्‍ध नहीं है.

  • Share this:
बांदा. कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण से बचाव के लिए एक तरफ उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को तो फायर ब्रिगेड की गाड़ियों से नहलाया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर सूबे में एक मेडिकल कॉलेज ऐसा भी है, जिसके आइसोलेशन वार्ड (Isolation Ward) में सैनेटाइजर, मास्‍क और ग्‍लब्‍स जैसी आधारभूत चीजें उपलब्‍ध नहीं है. दरअसल, हम बात कर रहे हैं बुंदेलखंड के बांदा राजकीय मेडिकल कॉलेज (Banda Government Medical Collage) की.

बांदा राजकीय मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमण के डर से अस्‍पताल के नर्सिंग स्‍टाफ ने ड्यूटी करने से इंकार कर दिया है. ऐसे में, मेडिकल कॉलेज के प्रशासन ने नर्सिंग स्‍टॉफ को संक्रमण से बचाव के लिए आवश्‍यक सामग्री उपलब्‍ध कराने के बजाय, उन्‍हें नौकरी से टर्मिनेट कर दिया है. अब इन नर्सिंग स्‍टाफ के पक्ष में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने आवाज उठाई है. प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस बाबत ट्वीट कर अपील किया है कि सरकार को योद्धाओं की बात सुननी जाहिए.

कॉलेज के प्रिंसिपल पर लगे गंभीर आरोप



प्रियंका गांधी ने अपने ट्वीट के साथ एक वीडियो भी साझा किया है. यह वीडियो बांदा राजकीय मेडिकल कॉलेज की एक नर्सिंग स्‍टाफ का है. इस वीडियो में नर्सिंग स्‍टाफ ने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप लगाए हैं. वीडियो में आरोप लगाया गया है कि तीन दिन से आउटसोर्सिंग की मांगों को लेकर कार्य का बहिष्‍कार किया गया है. नर्सिंग स्‍टाफ का कहना है कि ऐसी महामारी में आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी करने वाले स्‍टाफ के लिए सैनेटाइजर, ग्‍लब्‍स और मास्‍क जैसी आधारभूत चीजें भी उपलब्‍ध नहीं है. जब आइसोलेशन स्‍टाफ ने कॉलेज के प्रिंसिपल से ये सभी उपलब्‍ध कराने की मांग की तो उन्‍हें नौकरी से टर्मिनेट कर दिया गया.



वेतन काट नौकरी से निकाला

नर्सिंग स्‍टाफ का यह भी आरोप है कि जब हम लोग अपने टर्मिनेशन के बाबत प्रिंसिपल से बात करने पहुंचे, तो उन्‍होंने न केवल हमें बेइज्‍जत किया, बल्कि हाथ-पैर तुड़वाने की धमकी भी दी. स्‍टाफ का यह भी आरोप है कि टर्मिनेशन के साथ ही हमारा आधा वेतन काट लिया गया है. उन्‍होंने बताया कि जिन लोगों को 20,390 रुपए मिलते थे, उनको इस बात 10 हजार रुपए दिए गए हैं. जबकि, वेतन कम करने का कोई शासनादेश नहीं आया है. उन्‍होंने कहा कि हमारे साथ ही हमारे फार्मासिस्‍ट का भी वेतन इस महीने काट लिया गया है.



स्‍टाफ के पक्ष में खड़ी हुईं प्रियंका गांधी

तीन दिनों से शासकीय उपेक्षा का सामना कर रहे बांदा मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग स्‍टाफ को अब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का साथ मिला है. प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मामले में ट्वीट करते हुए लिखा है कि इस समय हमारे मेडिकल स्टाफ को सबसे ज्यादा सहयोग करने की जरूरत है. वे जीवनदाता हैं और योद्धा की तरह मैदान में हैं. बांदा में नर्सों और मेडिकल स्टाफ को उनकी निजी सुरक्षा के उपकरण न देकर और उनके वेतन काट करके बहुत बड़ा अन्याय किया जा रहा है. यूपी सरकार से मैं अपील करती हूं कि ये समय इन योद्धाओं के साथ अन्याय करने का नहीं है, बल्कि उनकी बात सुनने का है.

मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं 2 कोरोना पॉजिटिव मरीज

न्‍यूज 18 हिंदी से बातचीत में एक नर्सिंग स्‍टाफ ने बताया कि बांदा मेडिकल कॉलेज में यह हालात तब हैं, जब वहां पर कोरोना वायरस से संक्रमित 2 मरीज भर्ती हैं. इनके अलावा, कोरोना वायरस संक्रमण के आशंका के तहत 20 लोगों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है. ऐसे में इन आइसोलेशन वार्ड में मास्‍क, सैनेटाइजर और हैंड ग्‍लब्‍स जैसे आधारभूत सुरक्षा उपकरण भी मेडिकल स्‍टाफ के लिए उपलब्‍ध नहीं है. मेडिकल स्‍टाफ का कहना है कि देश में कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें डॉक्‍टर्स और मेडिकल स्‍टाफ को कोरोना हो चुका है. ऐसे में बिना सुरक्षा उपरकण के कार्य करना उनके लिए खतरे से खाली नहीं है.

प्रिंसिपल ने आरोपों को बताया गलत

न्‍यूज 18 हिंदी से बातचीत में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मुकेश यादव ने सभी आरोपों को निराधार बताया है. उनका कहना है कि लिमिटेड सप्‍लाई के बावजूद हम आइसोलेशन वार्ड में तैनात स्‍टाफ को पर्याप्‍त प्रोटेक्‍शन दे रहे हैं. वार्ड्स में किसी भी तरह से मास्‍क, सैनेटाइजर और ग्‍लब्‍स की कमी नहीं है. जहां तक वेतन का मामला है तो वह शासन स्‍तर पर तय होता है. उन्‍होंने बताया कि मूल समस्‍या यह है कि कोरोना के डर से स्‍टाफ आइसोलेशन वार्ड में काम नहीं करना चाहता है. लिहाजा, वह इस तरह की बातें कर रहे हैं.

उन्‍होंने बताया कि नर्सिंग स्‍टाफ द्वारा कही जा रही सभी बातों का निपटारा कर दिया गया है. उन्‍होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में हम तीन मोर्चों से जूझ रहे हैं. मरीजों का इलाज हमारी पहली प्राथमिकता है, स्‍टॉफ की कमी के बीच इतने मरीजों की देखरेख हमारे लिए बड़ी चुनौती है. दूसरी चुनौती हमारे लिए लॉजेस्टिक की कमी है. वहीं इस तरह के विवाद हमारे लिए नई परेशानियां खड़ी कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें - 

UP में तबलीगी जमात के 94 केसों ने 27 जिलों तक पहुंचाया संक्रमण, 227 हुए मरीज

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए बांदा से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: April 4, 2020, 3:57 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading