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जेएनयू के गायब छात्र नजीब मामले की दोबारा जांच की इसलिए उठी मांग

News18Hindi
Updated: October 4, 2019, 9:06 PM IST
जेएनयू के गायब छात्र नजीब मामले की दोबारा जांच की इसलिए उठी मांग
15 अक्टूबर 2016 को नजीब अहमद जेएनयू के हॉस्टल से गायब हो गया था. (प्रेसवार्ता करतीं नजीब की मां और इंस्पेक्टर सुबोध की पत्नी.)

जेएनयू (JNU) के गायब छात्र नजीब अहमद (Najeeb Ahmed) के मामले में सीबीआई (CBI) पहले ही क्लोजर रिपोर्ट लगा चुकी है. इससे पहले दिल्ली पुलिस (Delhi Police) और एसआईटी (SIT) भी इस मामले की जांच कर चुके हैं. अभी यह मामला सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में चल रहा है.

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नई दिल्ली. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र नजीब अहमद (Najeeb Ahmed) को गायब हुए तीन साल पूरे होने वाले हैं. लेकिन दिल्ली पुलिस (Delhi Police), एसआईटी (SIT) और सीबीआई (CBI) के हाथ खाली हैं. अब तक सरकार (Government) या प्रशासन ने कोई भी गंभीर और सकारात्मक कदम नहीं उठाया है. साथ ही नजीब के लापता होने कि जांच भी किसी निर्णायक मोड़ पर नहीं पहुंच सकी है. यह कहना है यूनाइटेड अगेंस्ट हेट (UAH) के फाउंडिंग मेंबर नदीम खान का. गुरुवार को यूएएच की ओर से प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही.

नदीम खान ने कहा, 'यूनाइटेड अगेंस्ट हेट, एसआईओ और देश के तमाम छोटे-बड़े संगठन 15 अक्टूबर को नजीब के गायब होने के बाद आरोपियों से पूछताछ न करने, गंभीरता से नजीब की तलाश न किए जाने और आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच न किए जाने के विरोध में प्रदर्शन करेंगे. वहीं तीन मांगें की जाएंगी कि- नजीब के मामले की दोबारा जांच हो. साहिल के केस की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो. इंस्पेक्टर सुबोध सिंह के हत्यारों की ज़मानत रद्द हो.' इस मौके पर नजीब की फातिमा नफीस, दिल्ली में मुसलमान समझकर मार दिए गए साहिल की मां और बुलंदशहर बवाल में शहीद हुए इंस्पेक्टर सुबोध की पत्नी भी मौजूद थीं.

शहीद इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की पत्नी बोलीं मैं कमजोर नहीं हूं

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में शहीद हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पत्नी ने भावुक होते हुए कहा, 'मैं इंसाफ की लड़ाई आखरी सांस तक लडूंगी. आरोपियों का इस तरह जमानत पर आना बहुत दुख देने वाला है. अपने फर्ज को निभाते हुए शहीद होने वाले मेरे पति की हत्या के आरोपी बड़े नेताओं के करीबी हैं. लेकिन मैं कमजोर नहीं हूं, इंसाफ की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ती रहूंगी.'

दिल्ली ही नहीं देश के दर्जनों शहरों में नजीब अहमद की मां फातिमा नफीस अपने बेटे की तलाश कर चुकी हैं. (File Photo)


‘बेटे को मुसलमान समझकर मार दिया अब आरोपियों को बचा रही पुलिस’

इस मौके पर दिल्ली के एक इलाके में भीड़ के हाथों मारे गए साहिल की मां ने अपना दुख जाहिर करते हुए कहा, 'मेरे बेटे का नाम साहिल सुनकर मुसलमान समझकर उसे मार दिया. अब जब हम उसके हत्यारों को सजा दिलाने के लिए यहां से वहां चक्कर काट रहे हैं तो पुलिस हमारा सहयोग नहीं कर रही है. आरोपियों को बचाया जा रहा है. हम तो हार गए इस सिस्टम से.'
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इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के छात्रसंघ के सचिव हुज़ैफ़ा आमिर, जेएनयू की प्रोफ़ेसर गज़ाला जमील, स्टूडेंट इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय सचिव फ़वाज़ शाहीन सहित छात्र संगठन आइसा के सदस्य आदि भी मौजूद थे.

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First published: October 4, 2019, 8:06 PM IST
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