अब देवरिया में ऑक्सीजन सप्लाई ठप होने का खतरा, ऑपरेटरों को 5 महीने से नहीं मिली सैलरी

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मासूमों की मौत के बाद देवरिया जिले का स्वाथ्य विभाग कोई सबक सीखने को तैयार नहीं है. जिला अस्पताल में कभी भी आक्सीजन की सप्लाई बंद हो सकती है.

UMASHANKER BHATT | ETV UP/Uttarakhand
Updated: August 16, 2017, 12:44 PM IST
अब देवरिया में ऑक्सीजन सप्लाई ठप होने का खतरा, ऑपरेटरों को 5 महीने से नहीं मिली सैलरी
देवरिया जिला अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई चेक करता ऑपरेटर
UMASHANKER BHATT | ETV UP/Uttarakhand
Updated: August 16, 2017, 12:44 PM IST
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मासूमों की मौत के बाद देवरिया जिले का स्वाथ्य विभाग कोई सबक सीखने को तैयार नहीं है. जिला अस्पताल में कभी भी आक्सीजन की सप्लाई बंद हो सकती है.

दरअसल यहां भी ऑक्सीजन सप्लाई के मामले में कमीशनखोरी का मामला सामने आया है. दरअसल देवरिया जिले में भी पुष्पा सेल्स प्राईवेट आपरेटरों के जरिए ऑक्सीजन की सप्लाई करती है. इसके लिए जिला अस्पताल में पांच आपरेटरो को पुष्पा सेल्स ने तैनात किया है. लेकिन इन कर्मचारियों की सेलरी कमीशनखोरी के कारण करीब पांच महीने से नहीं मिल रही है.

देवरिया जिला अस्पताल में इन्सेफेलाइटिस वार्ड के बगल मे ऑक्सीजन प्लांट है, जहां से कई वार्डों में ऑक्सीजन की सप्लाई की जाती है. इसके लिए वहां तैनात एक आपरेटर को 5-6 सेलरी दी जाती है, लेकिन उनसे 13 हजार रुपये पर हस्ताक्षर कराया जाता है.

इतना ही नहीं पुष्पा सेल्स से कंपनी का करार भी मार्च में ही समाप्त हो गया है. फिर भी देवरिया जिले मे विना टेण्डर के ही  आपरेटरों से काम कराया जा रहा है.

अब इन ऑक्सीजन आपरेटरों ने भी काम करने से हाथ खड़ा कर दिया है.  एक ऑपरेटर रामसरन ने बताया कि प्रति आपरेटर 8000 रुपये की रिश्वत ली जाती है.

वहीं इस मामले पर इन्सेफेलाइटिस वार्ड के चिकित्सक डॉ राम सकल यादव का कहना है कि बिना पैसे के कब तक कोई काम करेगा. मार्च से ऑक्सीजन आपरेटरों को सेलरी नही दी जा रही है .अब आपरेटर भी काम छोड़ने की बात कह रहे हैं.
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