देवरिया कांड: हाईकोर्ट में सुनवाई आज, सरकार दाखिल करेगी जवाब

बता दें सामाजिक कार्यकर्ता डॉ पद्मा सिंह और अनुराधा ने ये याचिका दाखिल की है. स्त्री अधिकार संगठन ने भी इसी मामले को लेकर जनहित याचिका दाखिल की है. हाईकोर्ट दोनों याचिकाओं की एक साथ सुनवाई कर रहा है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 20, 2018, 10:33 AM IST
देवरिया कांड: हाईकोर्ट में सुनवाई आज, सरकार दाखिल करेगी जवाब
इलाहाबाद हाईकोर्ट
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Updated: August 20, 2018, 10:33 AM IST
देवरिया शेल्टर होम कांड को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में होगी. 13 अगस्त को हुई पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की फटकार के बाद राज्य सरकार आज मामले में अपना जवाब दाखिल करेगी. अब तक इस मामले में तत्कालीन डीएम सुजीत कुमार, एसपी रोहन पी कनय को हटाया गया है. तत्कालीन सीओ को भी राज्य सरकार ने हटाया है. थानाध्यक्ष और विवेचक निलंबित किए गए हैं. राज्य सरकार ने लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं.

बता दें कि मामले में पुलिस विभाग पर कार्रवाई न किए जाने पर 13 अगस्त को कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई थी. इसके बाद सरकार ने कोर्ट से कहा था कि अगले 48 घंटे में कार्रवाई होगी. पिछली सुनवाई के दौरान मामले की जांच कर रही सरकार की एसआईटी ने तब तक की प्रगति रिपोर्ट दाखिल कर दी थी. रिपोर्ट देखने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी.

कोर्ट ने पूछा था कि कौन सा एनजीओ अच्छा है, जहां लड़कियों को रखा जा सकता है. हाईकोर्ट ने इसके साथ ही देवरिया के सभी एसएचओ को लेकर भी जानकारी मांगी है. वहीं एसआईटी जांच में शामिल अधिकारियों की भी जानकारी तलब की है.

बता दें कि सामाजिक कार्यकर्ता डॉ पद्मा सिंह और अनुराधा ने यह याचिका दाखिल की है. स्त्री अधिकार संगठन ने भी इसी मामले को लेकर जनहित याचिका दाखिल की है. हाईकोर्ट दोनों याचिकाओं की एक साथ सुनवाई कर रहा है. याचिका में यूपी के सभी शेल्टर होम में अच्छी व्यवस्था करने और सुरक्षा चाक-चौबंद करने की मांग की गई है. वहीं अवैध रुप से चल रहे शेल्टर होम बन्द करने की भी मांग की गई है. चीफ जस्टिस डी बी भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की खंडपीठ मामले की सुनवाई कर रही है.

जानकारी के अनुसार एसआईटी द्वारा दाखिल रिपोर्ट में बच्चियों के बयान, उनकी मेडिकल रिपोर्ट, शेल्टर होम के स्थगित होने के बाद से पुलिस की छापेमारी तक की गई कार्रवाई की बात दर्ज है. मामले में योगी सरकार ने सीबीआई जांच की संस्तुति भी कर दी है.

गौरतलब है कि 8 अगस्त को देवरिया के मां विंध्यवासिनी बालगृह बालिका शेल्टर होम में कथित यौन शोषण के मामले को गंभीरता से लेते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले में सीबीआई जांच की खुद मॉनिटरिंग करने की बात कही थी. पिछले बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता पद्मा सिंह और अनुराधा द्वारा दाखिल जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस डीबी भोंसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की डिवीजन बेंच ने 13 अगस्त तक मामले से संबंधित सभी जानकारियां तलब की थी.

इस बीच एसआईटी की टीम ने संचालिका गिरिजा त्रिपाठी,उसके पति और बेटी को तीन दिन के रिमांड पर लिया है. एसआईटी की टीम ने गिरिजा के अलावा उसके पति मोहन त्रिपाठी और बालिका गृह की अधीक्षिका कंचनलता को भी रिमांड पर लिया है. इन लोगों से तीन दिन तक गहन पूछताछ की जाएगी. बताया जा रहा है कि कुछ दिनों में सीबीआई की टीम भी एनजीओ संचालिका गिरिजा त्रिपाठी से पूछताछ कर सकती है.

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