देवरिया शेल्टर होम कांड: सीएम योगी के निर्देश के बावजूद लापरवाह बना रहा प्रशासन

मामले में अब डीएम सुजीत कुमार कहते हैं कि कई बार शेल्टर होम में घुसने की कोशिश की गई लेकिन प्रशासन को सफलता नहीं मिली. फिलहाल मौके पर छानबीन की जा रही है, सभी कमरों की तलाशी ली जा रही है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 6, 2018, 11:44 AM IST
देवरिया शेल्टर होम कांड: सीएम योगी के निर्देश के बावजूद लापरवाह बना रहा प्रशासन
सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
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Updated: August 6, 2018, 11:44 AM IST
बिहार के मुजफ्फरपुर के बाद उत्तर प्रदेश के देवरिया में भी बालिका संरक्षण गृह में देह व्यापार का मामला सामने आया है. मामले में कार्रवाई शुरू हो गई है, जिला प्रशासन से लेकर प्रदेश सरकार सक्रिय होती दिख रही है. लेकिन इस मामले में जिला प्रशासन की तरफ से लापरवाही पर भी सवाल उठ रहे हैं. दरअसल बिहार में कांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3 अगस्त को ही प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को अपने जिलों में बाल गृह तथा महिला संरक्षण गृह का व्यापक निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे. मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद भी ​देवरिया जिला प्रशासन नहीं चेता.

बता दें मुख्यमंत्री ने अपने निर्देशों में कहा था कि ये भी चेक करें कि यहां पर रह रहे बच्चों एवं महिलाओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो. साथ ही, उन्होंने इन गृहों के पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध किए जाने के भी निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल गृह तथा महिला संरक्षण गृह की देखभाल और साफ-सफाई में कोई कोताही न बरती जाए. साथ ही, यहां पर रह रहे बच्चों एवं महिलाओं की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए. इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर सम्बन्धित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

इन निर्देशों के बावजूद ​देवरिया जिला प्रशासन लापरवाह बना रहा और बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम की तरह ही देवरिया के नारी संरक्षण गृह में भी देह व्यापार कराए जाने के आरोप लग रहे हैं. रविवार शाम संरक्षण गृह से भागी एक लड़की ने पुलिस को यह जानकारी दी तो हड़कंप मच गया. पुलिस ने रात में ही संरक्षण गृह पर छापा मारा तो 42 में से 18 लड़कियां गायब मिलीं. पुलिस ने 24 लड़कियों को मुक्त कराते हुए संचालिका और उसके पति को गिरफ्तार कर लिया है.

उधर मामले में डीएम सुजीत कुमार कहते हैं कि कई बार शेल्टर होम में घुसने की कोशिश की गई लेकिन प्रशासन को सफलता नहीं मिली. फिलहाल मौके पर छानबीन की जा रही है, सभी कमरों की तलाशी ली जा रही है.

उधर पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय ने बताया कि मां विंध्यवासिनी महिला एवं बालिका संरक्षण गृह नाम के एनजीओ की सूची में 42 लड़कियों के नाम दर्ज हैं, लेकिन छापे में मौके पर केवल 24 मिलीं. बाकी 18 लड़कियों का पता लगाया जा रहा है. नारी संरक्षण गृह के बारे में लंबे समय से शिकायत मिल रही थी.

बता दें अनियमितताओं के कारण इस शेल्टर होम की मान्यता जून-2017 में समाप्त कर दी गई थी. सीबीआई ने भी संरक्षण गृह को अनियमितताओं में चिह्नित कर रखा है. संचालिका हाईकोर्ट से स्थगनादेश लेकर इसे चला रही है. उधर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है कि अवैध संरक्षण गृह की सूचना के बाद पुलिस ने छापा मारकर 24 लड़कियों को मुक्त कराया है. एसपी देवरिया को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

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