'देवरिया शेल्टर होम से 500-1500 रुपए में गोरखपुर भेजी जाती थीं लड़कियां'

मासूम पीड़िता ने बताया कि उसके साथ कुछ भी गलत नहीं किया गया, लेकिन बड़ी दीदीयों को लड़कों के साथ भेजा जाता था.

UMASHANKER BHATT | News18 Uttar Pradesh
Updated: August 6, 2018, 5:08 PM IST
'देवरिया शेल्टर होम से 500-1500 रुपए में गोरखपुर भेजी जाती थीं लड़कियां'
मां विंध्यवासिनी बालिका संरक्षण गृह देवरिया
UMASHANKER BHATT | News18 Uttar Pradesh
Updated: August 6, 2018, 5:08 PM IST
बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में रेप की घटना के बाद यूपी के देवरिया स्थित मां विंध्यवासिनी बालिका संरक्षण गृह में बच्चियों से यौन उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद शासन से लेकर जिला प्रशासन तक हड़कंप मचा हुआ है. रविवार शाम शेल्टर होम से भागकर एक 10 साल की मासूम ने पूरे राज का पर्दाफाश किया. जिसके बाद पीड़ितों ने जो बताया वह रौंगटे खड़े करने वाला था.

शेल्टर होम की एक पीड़िता ने न्यूज18 से बातचीत में बताया कि शेल्टर होम के पीछे वाली गली में चार पहिया गाड़ी शाम को 4 बजे आकर रुकती थी. उसके बाद उसमें संरक्षण गृह की बड़ी दो लड़कियों को भेजा जाता था. उनके साथ छोटी बच्चियां भी भेजी जाती थी. सभी लोग सुबह 6 बजे के करीब वापस लौटते थे. सुबह उनके हाथों 500 से 1500 रुपए तक दिए जाते थे.

पीड़िता के मुताबिक, "महीने में 5-6 बार उन्हें बड़ी दीदियों के साथ गोरखपुर भेजा जाता था. जहां उनके साथ गलत काम किया जाता था. गोरखपुर में एक कमरे पर उन्हें ले जाया जाता था, जहां और भी बड़ी लड़कियां होती थीं. वहां लड़के भी होते थे."

मासूम पीड़िता ने बताया कि उसके साथ कुछ भी गलत नहीं किया गया, लेकिन बड़ी दीदीयों को लड़कों के साथ भेजा जाता था. सुबह 6 बजे जब वापस होना होता था तो उनके हाथ में पैसे होते थे. पीड़िता ने कहा कि गाड़ी में उसके साथ बड़ी मैम (संचालिका गिरिजा त्रिपाठी) खुद जाती थीं. गोरखपुर ले जाने से पहले लड़कियों को सजा-धजाकर तैयार भी किया जाता था.

इससे पहले देवरिया के मां विंध्यवासिनी संरक्षण गृह में चल रहे देह व्यापार का खुलासा करने वाली 10 साल की मासूम ने जो कुछ भी पुलिस को बताया, वो होश फाख्ता करने वाला था. रविवार शाम को मासूम किसी तरह महिला थाने पहुंची और शेल्टर होम की करतूत का खुलासा किया. बच्ची जन्म से ही शेल्टर होम में रह रही है.

उसने पुलिस को बताया कि रोज शाम चार बजे बड़ी-बड़ी गाड़ियों में लोग आते थे और 15 साल के ऊपर की लड़कियों को ले जाते थे. सुबह जब लड़कियां आती थीं तो वे कुछ नहीं बोलती थीं. बस वे रो रही होती थीं. इसके अलावा उन्हें दूसरे के घरों में झाड़ू-पोछा जैसे तमाम घरेलू कामों के लिए भी भेजा जाता था.

फिलहाल, पुलिस ने संचालिका गिरिजा त्रिपाठी और पति मोहन को गिरफ्तार कर लिया है. बेटी कंचन लता त्रिपाठी की तलाश की जा रही है. मामले में पुलिस लड़कियों के बयान के आधार पर मानव तस्करी, देह व्यापार जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. 18 लापता लड़कियों की भी तलाश की जा रही है.

उधर मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया के डीएम सुजीत कुमार को हटा दिया है. पूर्व डीपीओ को निलंबित कर दिया गया है. दो के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं. मामले में प्रमुख सचिव समाज कल्याण रेणुका कुमार के नेतृत्व में दो मेंबर्स टीम को देवरिया भेजा गया है. टीम मंगलवार शाम तक अपनी रिपोर्ट देगी. जिसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी.

 
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर