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कुशीनगर में धड़ल्ले से चल रहे हैं फर्जी अस्पताल

Ashok Shukla | ETV UP/Uttarakhand
Updated: July 19, 2017, 11:27 AM IST

प्रदेश में शासन भले ही बदल गया हो लेकिन विभागों की कार्यशैली में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है.कुशीनगर में आज भी धड़ल्ले से फर्जी अस्पताल चल रहे हैं और स्वास्थ्य महकमा अपनी आंख बंद किए हुआ बैठा है.

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प्रदेश में शासन भले ही बदल गया हो लेकिन विभागों की कार्यशैली में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है.कुशीनगर में आज भी धड़ल्ले से फर्जी अस्पताल चल रहे हैं और स्वास्थ्य महकमा अपनी आंख बंद किए हुआ बैठा है.

पड़रौना कोतवाली क्षेत्र में स्थित बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे प्रभात हॉस्पिटल में झोलाछाप डॉक्टर द्वारा आपरेशन करने के कारण महिला की मौत हो गयी.महिला की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया.

सूचना पाकर पड़रौना कोतवाली की पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी.परिजनों की चीख-पुकार सुनकर अस्पताल के बाहर सैकड़ो लोग जमा हो गये.बाद में परिजनों को समझाबुझाकर पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है.

इस गंभीर घटना पर सीएमओ आफिस भूमिका संदिग्ध है महिला की मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक अस्पताल पर कोई कार्यवाही नहीं की है.

प्रदेश के सबसे पिछड़े जिलों में शुमार कुशीनगर में कुकुरमुत्तों की तरह फर्जी अस्पताल खुले हैं.इन अस्पतालों में ना तो डॉक्टर हैं और ना ही प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी हैं.फर्जी अस्पतालों के संचालक धड़ल्ले से छोटे से लेकर बड़ा ऑपरेशन करते हैं लेकिन स्वास्थ्य महकमा इस पर ध्यान हीं नहीं देता है.

इसके बाद भी सीएमओ कार्यालय के जिम्मेदार अधिकारी इन अस्पतालों पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं.ताजा मामला पड़रौना कोतवाली के बीर अब्दुल हमीद नगर स्थित प्रभात हॉस्पीटल का है जहां यूट्रस में इन्फेक्शन के कारण सुमित्रा देवी को भर्ती कराया गया था.

परिजनों को बताया गया था कि गोरखपुर से कोई डॉक्टर आकर महिला का ऑपरेशन करेंगे लेकिन बाद में अस्पताल के संचालक ने ही महिला का ऑपरेशन कर दिया.गलत ऑपरेशन के कारण महिला की हालत बिगड़ी तो अस्पताल के संचालक ने जबरदस्ती एंबुलेंस में लादकर गोरखपुर भेजवा दिया.गोरखपुर ले जाते समय रास्ते में महिला की मौत हो गयी.इसके बाद महिला के परिजन शव को लेकर अस्पताल पर पहुंच गये और हंगामा शुरू कर दिया.परिजनों का आरोप था कि अस्पताल के संचालक ने उन्हें अंधेरे में रखकर खुद ही महिला का ऑपरेशन कर दिया.जिसके कारण महिला की मौत हो गयी.

हंगामे की सूचना पाकर मौके पर पड़रौना कोतवाली की पुलिस पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. इस गंभीर मसले पर सीएमओ आफिस की भूमिका संदिग्ध है.खुद सीएमओ पूरे मामले से अनजान बने हुए हैं.

जिले में बड़ी संख्या में फर्जी अस्पताल खुले हैं लेकिन सीएमओ कार्यालय के जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं.गैर सरकारी आंकड़ों की बात करें तो झोलाछाप डॉक्टरों और फर्जी अस्पतालों में पिछले एक साल में लगभग सौ लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन कुशीनगर का स्वास्थ्य विभाग की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ रहा है.सीएमओ अखिलेश कुमार महिला की मौत के मामले की जांच कराने की बात तो कर रहे हैं लेकिन अस्पताल कोई कार्यवाही होगी इस पर संशय बना हुआ है.

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First published: July 19, 2017, 11:27 AM IST
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