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कुशीनगर: पिता ने पड़ोसी के साथ मिलकर खेला गूंगे बेटे की हत्या का खेल

ETV UP/Uttarakhand
Updated: January 29, 2018, 11:32 AM IST
कुशीनगर: पिता ने पड़ोसी के साथ मिलकर खेला गूंगे बेटे की हत्या का खेल
न्यूज18हिंदी

ये घटना नेबुआ-नौरंगिया के रहने वाले रफी के साथ हुई जिसे पहले प्रकृति ने कहर बरपाते हुए अच्छे रफी को गूंगा बना दिया और फिर माता-पिता ने पड़ोसी के साथ मिलकर रफी की हत्या करा दी.

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कुशीनगर के नेबुआ-नौरंगिया थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है. जहां माता-पिता ने ही क्षुद्र स्वार्थों के लिए अपने बच्चे को ही मौत के घाट उतार दिया. दरअसल 24जनवरी को पुलिस को दो व्यक्तियों की लाश मिली. शव को देखते ही हत्या का पता चल गया.

ये घटना नेबुआ-नौरंगिया के रहने वाले रफी के साथ हुई जिसे पहले प्रकृति ने कहर बरपाते हुए अच्छे रफी को गूंगा बना दिया और फिर माता-पिता ने पड़ोसी के साथ मिलकर रफी की हत्या करा दी. राज खुल जाने के डर से रफी के पिता ने उस पड़ोसी को भी मार दिया.

नेबुआ-नौरंगिया थाना की पुलिस ने बिहार प्रांत के सीवान जनपद के जामों थाना अन्तर्गत स्थित भलूही गांव निवासी हत्यारे पिता रुस्तम अली को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या की साजिश मे आरोपी बनी मां को पुलिस ढूढ़ रही है.

हुआ यह कि सीवान जनपद के जामों थाना के गांव भलूही निवासी रफी सऊदी अरब कमाने गया था. गैस रिसाव के एक हादसे में उसकी आवाज चली गई.कंपनी वालों ने उसे घर भेज दिया.रफी पर जान लुटाने वाली माता असगरी व पिता रुस्तम ने धीरे-धीरे रफी की तरफ से आंखे फेरना शुरू कर दिया.

कारण यह था कि रफी के चलते उनके छोटे बेटे और बेटी की शादी नहीं हो पा रही थी. इसके बाद रूस्तम ने अपने पड़ोसी नसरे आलम के साथ मिलकर रफी की हत्या की साजिश रची. क्योंकी रफी अपने पड़ोसी नसरे आलम पर बहुत विश्वास करता था अतः उसके कहने पर रफी दवा कराने के लिए कुशीनगर के पडरौना नगर आने के लिए राजी हो गया.

पुलिस की कहानी के मुताबिक 23 जनवरी को सीवान से तीन टिकटें खरीद कर 11.30 बजे वाली ट्रेन से रफी, नसरे आलम और रुस्तम अली पडरौना पहुंचे, जहां नसरे आलम द्वारा तय किए गए भाड़े के दो हत्यारे भी मिल गए.

सभी रफी को साथ लेकर नेबुआ-नौरंगिया थाने के लक्ष्मीपुर माईनर पर ले गए और सेखुई गांव के पश्चिम रफी की गला दबाकर हत्या कर दी .रफी की लाश देखकर नसरे आलम की तबीयत खराब हो गई और वह बेहोश हो गया. नसरे आलम को बेहोश होते देख रुस्तम अली की नियत एक बार फिर बदल गई और हत्यारों को रुपये का लालच देकर नसरे आलम की भी हत्या करवा दी.
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कहते हैं कि अपराधी कोई न कोई साबूत जरूर छोड़ देता है. मृतको के सभी सामान हत्यारों ने निकाल लिया लेकिन रेल टिकटें उनकी जेब मे ही छोड़ दी.रेल टिकट के सहारे पुलिस रुस्तम तक पहुंच गई और मुखबिर के सहारे उसे बिहार प्रांत के मझवलिया बाजार से गिरफ्तार कर लिया.असगरी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है.

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First published: January 29, 2018, 11:32 AM IST
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