देवरियाः बाढ़ पीड़ित जान हथेली पर रखकर पार करते हैं राप्ती नदी

सूबे के देवरिया जिले बाढ़ की पानी राप्ती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे घर छोड़ने को मजूबर बाढ़ पीड़ित अपनी जान हथेली पर लेकर राप्ती नदीं को पार करना पड़ रहा है. वहीं, लगातार हो रही भारी बारिश में छोटी नावों से राप्ती नदी को पार करना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है.

ETV UP/Uttarakhand
Updated: September 6, 2017, 12:57 PM IST
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Updated: September 6, 2017, 12:57 PM IST
सूबे के देवरिया जिले बाढ़ की पानी राप्ती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे घर छोड़ने को मजूबर बाढ़ पीड़ित अपनी जान हथेली पर लेकर राप्ती नदीं को पार करना पड़ रहा है. वहीं, लगातार हो रही भारी बारिश में छोटी नावों से राप्ती नदी को पार करना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक जिले के रुद्रपुर तहसील के पचलड़ी गांव के पास गोर्रा और राप्ती नदी ने कहर मचाया हुआ और भारी बारिश से एक नाव बीच सफ़र में फंसकर रह गई. गोर्रा और राप्ती नदियों संगम में अब तक कुल 52 गांव डुब चुके हैं.



हालांकि देवरिया जिला प्रशासन ने उफनाए राप्ती नदीं को पार करने के लिए नाव की व्यवस्था की है, लेकिन टिन निर्मित नावों में सफ़र करने से लोग डरते हैं. सफ़र करने वाले लोगो का कहना है कि छोटी नावों से खतरा अधिक होता है.

बताते चलें कि नावों के पलटने से यहां कई हादसे हो चुके है. अभी हाल ही में नाव डूबने से एक युवक की मौत हो गई, लेकिन जिला प्रशासन सबक लेने को तैयार नही है. रुद्रपुर के तहसील का कहना है कि लोगों को सावधानी से नाव के सफ़र करना चाहिए.
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