लाइव टीवी

देवरिया लोकसभा सीट: कलराज मिश्रा वाली सफलता दोहरा पाएंगे रमापति राम

News18 Uttar Pradesh
Updated: May 8, 2019, 2:25 PM IST
देवरिया लोकसभा सीट: कलराज मिश्रा वाली सफलता दोहरा पाएंगे रमापति राम
file photo

रमापति राम राज्य बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष हैं. वो वर्तमान में यूपी विधान परिषद के सदस्य हैं.

  • Share this:
सीएम योगी आदित्यनाथ के गढ़ कहे जाने वाले गोरखपुर से सटी देवरिया लोकसभा सीट पर इस बार बीजेपी ने प्रत्याशी बदल दिया है. कद्दावर पार्टी नेता कलराज मिश्रा उम्र सीमा की वजह से चुनाव नहीं लड़ पा रहे हैं. इस वजह से राज्य के एक अन्य कद्दावर नेता रमापति राम त्रिपाठी को सीट से उतारा गया है. रमापति राम बीजेपी के पुराने नेता हैं और गृह मंत्री राजनाथ सिंह के करीबी माने जाते हैं.

महागठबंधन में यह सीट बीएसपी के खाते में आई है. बीएसपी ने इस सीट पर विनोद कुमार जायसवाल को उतारा है. कांग्रेस के उम्मीदवार नियाज अहमद खान हैं, जिन्होंने पिछली बार भी यहां चुनाव लड़ा था.

कौन हैं रमापति राम त्रिपाठी

रमापति राम राज्य बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष हैं. वो वर्तमान में यूपी विधान परिषद के सदस्य हैं. त्रिपाठी पेशे से आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं. उनके पुत्र शरद त्रिपाठी 2014 में संत कबीर नगर से सांसद चुने गए थे. लेकिन हाल ही बीजेपी के ही एक विधायक के साथ मार-पीट के मामले को लेकर शरद त्रिपाठी को अपना टिकट गंवाना पड़ा है. अब उनकी सीट पर बीजेपी ने प्रवीण निषाद को खड़ा किया है.

2014 के नतीजे

2014 में इस सीट पर कलराज मिश्रा ने बड़ी जीत दर्ज की थी. उन्हें कुल 4,96,500 वोट मिले थे. उनके सामने थे बीएसपी के नियाज अहमद, जो इस बार कांग्रेस के उम्मीदवार हैं. नियाज को उस चुनाव में 2,31,114 वोट मिले थे. वहीं समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार बालेश्वर यादव को करीब डेढ़ लाख वोट हासिल हुए थे. इस सीट पर कुल 53.78 फीसदी मतदान हुआ था.

सीट का इतिहास
Loading...

मोहन सिंह


देवरिया सीट लंबे समय तक कांग्रेस और समाजवादियों का गढ़ रही है. दिग्गज कांग्रेसी नेता विश्वनाथ राय इस सीट से चार बार सांसद रहे तो समाजवादी नेता मोहन सिंह तीन बार सांसद बने. विश्वनाथ राय की एक समय में यूपी की राजनीति पर जबरदस्त पकड़ थी. वो केंद्र में कांग्रेस सरकार में मंत्री भी रहे. वहीं समाजवादी पृष्ठभूमि के नेता मोहन सिंह ने भी इस सीट प्रतिनिधित्व किया. मोहन सिंह 1991 में पहली बार इस सीट पर जनता दल के टिकट पर चुनाव जीते थे. बाद में उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर यहां दो बार चुनाव जीता. 2014 में इस सीट पर वरिष्ठ भाजपाई नेता कलराज मिश्रा को भेजा गया. कलराज ने यहां से जीत दर्ज की.

कलराज मिश्रा


सामाजिक और जातीय समीकरण

2011 की जनगणना के अनुसार देवरिया जिले की आबादी 31 लाख से ज्यादा है. इनमें पुरुष 15,37,436 और महिलाएं 15,63,510 हैं. इस लोकसभा सीट पर सामान्य वर्ग की आबादी की बहुतायत है और उनका ही वोट तय करता है कि जीत किसकी होगी. संसदीय क्षेत्र में 5 विधानसभा सीट आती हैं, जिनमें देवरिया, तमकुही राज, फाजिलनगर, पथरदेवा और रामपुर कारखाना शामिल हैं.

यह भी पढ़ें: चांदनी चौक लोकसभा सीट: पुरानी दिल्‍ली में किसका बजेगा डंका, बीजेपी-कांग्रेस में होगी टक्‍कर

यह भी पढ़ें:डुमरियागंज लोकसभा सीट: जगदंबिका पाल की जीत की हैट्रिक के सामने पत्‍थर की तरह खड़ा है BSP का ये प्रत्याशी!

यह भी पढ़ें: कानपुर लोकसभा क्षेत्र: यूपी के 'मैनेचेस्टर' में कांग्रेस-बीजेपी का रहा है दबदबा

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देवरिया से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: May 7, 2019, 5:42 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...