कुशीनगर के सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन ना मिलने से महिला की मौत

कुशीनगर के सरकारी अस्पताल में समय से ऑक्सीजन ना मिल पाने से एक महिला की मौत हो गई. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड्डा के डॉक्टर ने बीमार महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया था

ETV UP/Uttarakhand
Updated: August 23, 2017, 11:12 PM IST
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Updated: August 23, 2017, 11:12 PM IST
आरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में ऑक्सीजन की कमी से हुई मासूमों की मौत का दर्द अभी जनपदवासियों को तड़पा ही रहा है कि कुशीनगर के सरकारी अस्पताल में समय से ऑक्सीजन ना मिल पाने से एक महिला की मौत हो गई. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड्डा के डॉक्टर ने बीमार महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया था क्योंकि सीएचसी पर ऑक्सीजन का सिलेंडर नहीं था. बीमार महिला को जिला अस्पताल ला रहे 108 नंबर एंबुलेंस सेवा में भी ऑक्सीजन की कोई व्यवस्था नहीं थी. जिला अस्पताल में महिला को बेड और ऑक्सीजन दोनों नसीब नहीं हुआ. जिससे महिला तड़प-तड़प कर मर गई.

जानकारी के मुताबिक, खड्डा तहसील के बाढ़ प्रभावित गांव पकड़ी बृजलाल निवासी बृजभान की पत्नी गंगाजली की तबीयत अचानक खराब हो गई. उसको सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. परिजन उसे सीएचसी खड्डा लेकर गए लेकिन डॉक्टर ने अस्पताल में ऑक्सीजन का सिलेंडर न होने की बात कहकर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया. जिला अस्पताल ले जाने के लिए 108 नंबर एंबुलेंस सेवा उपलब्ध हुई लेकिन उसमें भी ऑक्सीजन का सिलेंडर नहीं था. नतीजतन तड़पती हुई गंगाजली किसी तरह जिला अस्पताल पहुंची लेकिन ऑक्सीजन न मिलने के कारण उसकी हालत खराब होती चली गई.



मृतका के परिजन छोटेलाल ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया. उन्होंने बताया कि आधा घंटा से ज्यादा समय तक गंगाजली जिला अस्पताल के इमरजेंसी के सामने तड़पती रही. लेकिन डॉक्टरों ने न ऑक्सीजन लगाया न ही मरीज को बेड पर लिटाया. जिससे गंगाजली की मौत हो गई.

जिला चिकित्सालय के सीएमएस लालता प्रसाद का कहना है कि 100 बेड की जगह करीब 175 मरीजों का लोड रहता है. इसलिए थोड़ी बहुत कमी रहती है. मामला संज्ञान में आया है. मामले की जांच की जाएगी और जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी.
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