देवरिया: एक दर्जन स्‍कूलों में एक शिक्षक के सहारे पढ़ रहे छात्र

दरअसल जनपद के शहरी क्षेत्र के अधिकाश प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूल में मात्र एक टीचर हैं. एक ही टीचर सभी कक्षाओं को दो भागों में विभाजित करके पढ़ाते हैं. इन टीचरों की मुसीबत तब और बढ़ जाती है, जब उन्‍हें सरकारी काम से जिला मुख्यालय या ऑफिस जाना हो या टीचर को अवकाश लेना हो ऐसे में स्‍कूल बंद तक होने की नौबत आ जाती है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 27, 2018, 2:04 PM IST
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Updated: July 27, 2018, 2:04 PM IST
एक तरफ योगी सरकार प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्‍यवस्‍था को ठीक करने का प्रयास कर रही है.  प्राईमरी स्कूलों को हाईटेक करने की कोशिशों में जुटी है, लेकिन दूसरी तरफ देवरिया जनपद की प्राथमिक शिक्षा दिन-प्रतिदिन पटरी से उतरती जा रही है. दरअसल जिले के एक दर्जन से अधिक ऐसे प्राथमिक सरकारी स्कूल हैं, जहां एक टीचर के सहारे पूरा स्‍कूल चल रहा है.

जनपद के शहरी क्षेत्र के अधिकाश प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूल में मात्र एक टीचर हैं. एक ही टीचर सभी कक्षाओं को दो भागों में विभाजित करके पढ़ाते हैं. इन टीचरों की मुसीबत तब और बढ़ जाती है, जब उन्‍हें सरकारी काम से जिला मुख्यालय या ऑफिस जाना हो या टीचर को अवकाश लेना हो ऐसे में स्‍कूल बंद तक होने की नौबत आ जाती है.

इस पूरे मामले पर बेसिक शिक्षा विभाग का कहना है कि टीचरो की भर्ती दो कैडरों मे होती है. पहली शहरी और दूसरी ग्रामीण क्षेत्र, लेकिन बीते कई सालों से शहरी इलाकों में अध्यापकों की नियुक्ति नहीं हुई है. अब इसके पीछे सरकार की क्या मंशा है यह तो नहीं कहा जा सकता है लेकिन इस वजह से प्राइमरी शिक्षा जरूर प्रभावित हो रही है.

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