श्रीपत नगर रेलवे बांध टूटा, 20 हजार लोग प्रभावित

कुशीनगर जनपद और बिहार सीमा पर नारायणी नदी में नेपाल में हो रही भारी बरसात के चलते पानी का डिस्चार्ज कल देर रात अचानक बढ़ गया.

ETV UP/Uttarakhand
Updated: August 15, 2017, 1:15 PM IST
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Updated: August 15, 2017, 1:15 PM IST
कुशीनगर जनपद और बिहार सीमा पर नारायणी नदी में नेपाल में हो रही भारी बरसात के चलते पानी का डिस्चार्ज कल देर रात अचानक बढ़ गया. जिससे कुशीनगर जनपद की सीमा से 100 मीटर पर बिहार सीमा स्थित प्रस्तावित श्रीपत नगर रेलवे बांध लगभग 50 मीटर टूट गया. इसके टूटने से कुशीनगर जनपद के लगभग 18 गांवों के 20 हजार लोग प्रभावित है.

कुशीनगर से छपुआ को जोड़ने वाली एनएच-28बी पर लगभग 2 से 3 फीट पानी का तेज बहाव है.



इस बाढ़ की तबाही से एक नाव पर लगभग 15 लोग सवार होकर गांव से निकल रहे थे. तभी पानी के तेज बहाव से नाव पलट गई. हालांकि किसी जान माल का नुकसान नहीं हुआ. सभी लोगों को ग्रामीणों द्वारा किसी तरह बचा लिया गया.

बिहार के लोगों का आरोप है कि प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई सहायता नहीं दी गई है. नदी में पानी का डिस्चार्ज अभी भी बढ़ रहा है. अगर पानी का डिस्चार्ज इसी तरह बढ़ता रहा तो यह नदी यहां और तबाही मचा सकती है.

कुशीनगर जनपद के खड्डा के भाजपा विधायक ने इस बाढ़ की तबाही का कारण बिहार में हो रहे अवैध बालू खनन को बताया है.

बाढ़ की इस तबाही से कुशीनगर के छितौनी, नरकहवा, बुलहवा, टेंगरहा, बीडिगंज, जोकहिया, सालिकपुर, महदेवा सहित लगभग डेढ़ दर्जन गांव बुरी तरह प्रभावित हैं.
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