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व्यापारी हत्याकांड: दोस्त ने की पल-पल की मुखबिरी, लुटेरों ने पहचान छुपाने के लिए मार डाला

News18 Uttar Pradesh
Updated: October 15, 2019, 12:13 PM IST
व्यापारी हत्याकांड: दोस्त ने की पल-पल की मुखबिरी, लुटेरों ने पहचान छुपाने के लिए मार डाला
देवरिया पुलिस ने व्यवसायी हत्याकांड का खुलासा किया, तीन आरोपी गिरफ्तार

देवरिया पुलिस (Deoria Police) ने बताया कि मृतक बैजनाथ और सुभाष काफी अरसे से एक दूसरे के मित्र थे और साथ व्यवसाय भी करते थे. रास्ते में बैजनाथ का ईमान खराब हो गया और उसने सुभाष के पास रुपए होने की बात बिहार (Bihar) के सिवान जिले के महाराजगंज निवासी रामाशंकर जायसवाल को बताई और लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए उसके पल-पल की गतिविधियों की मुखबिरी भी की.

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देवरिया. जनपद पुलिस Deoria Police) ने गल्ला व्यवसाई के साथ हुई लूट और हत्या (Robbery and murder) का खुलासा करते हुए वारदात में शमिल तीन आभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है. बता दें कि एक सप्ताह पूर्व 8 अक्टूबर को देवरिया के गल्ला व्यवसाई की लुटेरों ने हत्या कर दी थी जिसके विरोध में स्थानीय व्यापारी लामबंद हो गए थे. चौंकाने वाली बात यह है कि व्यापारी के साथ लूट की वारदात को अंजाम देने वाला उसका दोस्त ही था.

पुलिस ने व्यापारी के साथ हुई लूट और हत्या का पर्दाफाश कर घटना में शामिल तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि साथी व्यापारी ने ही मृतक के पल-पल की गतिविधियों की मुखबिरी की थी और लुटेरों ने पहचाने जाने के डर से लूट के बाद व्यापारी की हत्या कर दी थी. पुलिस ने बदमाशों के पास से दो तमंचा, एक बाइक, कारतूस व एक लाख दस हजार रुपए बरामद किए हैं. लुटेरों ने बताया कि उन्हें मृतक के साथी व्यापारी जो कि मुनीम भी था और दोनों अक्सर साथ-साथ ही तगादे के लिए जाते थे उसने ही व्यापारी के पल-पल के मूवमेंट की जानकारी दी थी.

दोस्त ही था लुटेरों का मुखबिर
पुलिस अधीक्षक डॉ. श्रीपति मिश्र (SP Dr. Shripati Mishra) ने बताया कि गत 8 अक्टूबर को तरकुलवा थाना क्षेत्र के महुवा बजराटार निवासी गल्ला व्यवसाई सुभाष मद्धेशिया की बिहार के दरभंगा जिले से रुपये लेकर (तगादा कर) वापस लौटते वक्त हत्या कर दी गई थी और उसके पास से 3 लाख 70 हजार रुपए भी लूट लिए गए थे. मृतक सुभाष 9 लाख 70 हजार रुपये लेकर ट्रेन से लौट रहा था. पुलिस के मुताबिक इस दौरान कुशीनगर जनपद (Kushinagar district) के तमकुही रोड निवासी बैजनाथ जायसवाल (एक दुसरे व्यापारी का मुनीम) भी उसके साथ अपने पैसे का तगादा करने गया था.

पहचाने जाने पर कर दी हत्या
मृतक बैजनाथ और सुभाष काफी अरसे से एक दूसरे के मित्र थे और साथ व्यवसाय भी करते थे. रास्ते में बैजनाथ का ईमान खराब हो गया और उसने सुभाष के पास रुपए होने की बात बिहार के सिवान जिले के महाराजगंज निवासी रामाशंकर जायसवाल को बताई और उसके पल-पल की गतिविधियों की मुखबिरी भी की. पुलिस ने बताया कि आपराधिक प्रवृत्ति का रामाशंकर बैजनाथ से काफी दिनों से लूट के लिए कोई टारगेट तलाश करने को कह रहा था. बैजनाथ की मुखबिरी के बाद तय समय पर रामाशंकर का पुत्र अविनाश जायसवाल गोरखपुर निवासी तीन लुटेरों के साथ मिलकर देवरिया रेलवे स्टेशन से सुभाष का पीछा करने लगा. ट्रेन से उतरकर रेलवे स्टेशन से थोड़ी दूर आगे जाने पर बदमाशों ने सुभाष मद्धेशिया का बैग छीन लिया. लेकिन सुभाष ने उनका चेहरा देख लिया. पहचाने जाने के डर से लुटेरों ने सुभाष की हत्या
कर दी.कमर में बंधे थे 6 लाख रुपये
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि रुपयों से भरा बैग लूटने के दौरान सुभाष ने कहा कि वह सभी को पहचानता है, ऐसे में पकड़े जाने के डर से उन्होंने सुभाष को गोली मार दी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई और वो लोग बैग छीनकर फरार हो गए. यह संयोग ही था कि मृतक व्यापारी सुभाष ने तगादा के रूपयों में से 6 लाख अपने कमर में बांध रखे थे और बाकी रुपए बैग में थे. इसके चलते कमर में रखे रुपयों के बारे में लुटेरों को पता नहीं चल पाया और वो बच गए थे. पुलिस ने घटना में शामिल अविनाश जायसवाल बैजनाथ जायसवाल और गोरखपुर जिले के नंदा नगर मोहल्ला निवासी विपुल सिंह को गिरफ्तार किया है जबकि लुटेरों के तीन अन्य साथी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है.

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First published: October 15, 2019, 11:10 AM IST
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