देवरियाः यहां सरकारी दफ्तर में पांचवी पास चपरासी संभालते हैं क्लर्क का काम

दिलचस्प बात यह है कि इसी कार्यालय से कुल 26 अस्पतालों का वित्तीय कार्य, वेतन भुगतान के अलावा अस्पतालों की मॉनिटरिंग भी की जाती है, जिन पर तीनों चपरासी ही नजर रखते हैं. हैरानी की बात यह है कि उक्त कार्यालय में सीएमओ स्तर के अधिकारी वर जिला होम्योपैथिक अधिकारी भी बैठते हैं.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 4, 2018, 9:38 PM IST
News18 Uttar Pradesh
Updated: August 4, 2018, 9:38 PM IST
देवरिया जिले में स्थित होम्योपैथी कार्यालय में पांचवी पास चपरासी क्लर्क का काम संभालते हैं. जी हां, यह सच है कि पांचवी पास चपरासी होम्योपैथी कार्यालय के सारे वित्तीय कार्य, अधिकारियों के वेतन, बिल और जीपीएफ का काम संभालते है. ऐसा नहीं है कि क्लर्क तैनात नहीं है, लेकिन कार्यालय में तैनात क्लर्क बैठे-बैठे हर माह वेतन ले रहा है, लेकिन कोई इसकी सुध लेना वाला नहीं है.

यह भी पढ़ें-देवरिया जिले में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ सकता है निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन

रिपोर्ट के मुताबिक देवरिया स्थित होम्योपैथी कार्यालय में सभी सरकारी कागजी कामकाज तीन चपरासी हाथों में हैं. दिलचस्प बात यह है कि इसी कार्यालय से कुल 26 अस्पतालों का वित्तीय कार्य, वेतन भुगतान के अलावा अस्पतालों की मॉनिटरिंग भी की जाती है, जिन पर तीनों चपरासी ही नजर रखते हैं. हैरानी की बात यह है कि उक्त कार्यालय में सीएमओ स्तर के अधिकारी वर जिला होम्योपैथिक अधिकारी भी बैठते हैं.

यह भी पढें-देवरिया में घर बैठे सैलरी ले रहे सरकारी स्वास्थ्य कर्मचारी

बताया जाता है देवरिया कार्यालय में तैनात क्लर्क रितेश शान्डिल्य को पिछले तीन माह से डीएचओ ने कोई काम नहीं दिया है और जो चपरासी कार्यालय में क्लर्क के कार्यों का भार उठा रहे हैं, वो सभी जिले के दूसरे अस्पतालों में तैनात हैं, लेकिन अस्पताल में न जाकर देवरिया कार्यालय का संभालते हैं.

न्यूज18 की टीम ने जब क्लर्क की कुर्सी पर बैठकर कार्य कर रहे चपरासी से बात की तो उनका कहना था कि वो काफी दिनों से क्लर्क की जिम्मेदारी संभाल रहें हैं. उन्होंने यह भी बताया कि उक्त जिम्मेदारी वो डीएचओ के मौखिक आदेश के बाद कर रहे हैं. मामले पर क्लर्क रितेश शान्डिल्य का कहना है कि डीएचओ ने अभी तक उन्हें कोई चार्ज नहीं सौंपा गया है.

यह भी पढ़ें-देवरियाः कैमरे में कैद हुआ वॉर्ड ब्वॉय व स्टाफ नर्स का ऑन ड्युटी रोमांस

सूत्र  बताते हैं कि कार्यालय तैनात क्लर्क रितेश शान्डिल्य और डीएचओ के बीच कई महीनों से कार्य के बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही है, जिसके वजह से डीएचओ ने सभी सरकारी कार्यों का भार क्लर्क के बजाय तीनों चपरासियों के हाथों में सौप दिया गया है.

वहीं, मामले पर जिला होम्योपैथिक अधिकारी का कहना है कि कार्यालय में तैनात क्लर्क को पूरे कार्य की जानकारी नहीं है, जिसकी वजह से चपरासी के कार्य लिया जा रहा है. सवाल यह है कि जिले के होम्योपैथिक विभाग को क्या चपरासी ही चलाएगा और अगर किसी दिन कोई वित्तीय अनियमितता हो गई तो उसका जिम्मेदार कौन होगा.

(रिपोर्ट-उमाशंकर, देवरिया)
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर