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दीवाली के लिए बनाया जा रहा था नकली खोया, ऐसे करिए असली की पहचान

कहीं-कहीं तो आलू या मैदा भी नकली खोआ बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा है. (प्रतीकात्मक फोटो)

कहीं-कहीं तो आलू या मैदा भी नकली खोआ बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा है. (प्रतीकात्मक फोटो)

दीवाली (Diwali) आने में अभी वक्त है, लेकिन FSDA की टीम ने छापेमारी शुरु कर दी है. अभी तीन दिन पहले ही गाजियाबाद (Ghaziabad) में 20 क्विंटल मिलावटी खोया पकड़ा गया है. इसी तरह से मध्य प्रदेश के कुछ गांव भी नकली खोया बनाने के मामले में कुख्यात हैं.

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    नई दिल्ली. दीवाली (Diwali) के लिए बाजार में मिठाई बनाने का काम शुरू हो गया है. लेकिन इनसे आपको सावधान रहने की जरूरत है. क्योंकि बाजारों में नकली खोया अभी से बनने लगा है. एक बार में 100-100 किलोग्राम खोया बनाया जा रहा है. खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की जांच में इसका खुलासा हुआ है. इतना ही नहीं नकली दूध और पनीर बनाने का खुलासा भी एफएसडीए की जांच में हुआ है.

    ऐसे हुआ नकली खोया बनाने का खुलासा
    आगरा, यूपी के शमशाबाद ब्लॉक में एफएसडीए की टीम ने छापेमारी की. टीम को सूचना मिली थी कि सरकारी अस्पताल की बिल्डिंग के सामने एक गोदाम में दीवाली के लिए नकली खोया बनाया जा रहा है. यह खोया दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई किया जाना है. इसके बाद एफएसडीए ने अपना जाल बिछा दिया. टीम ने पुख्ता सूचना के आधार पर टीम ने गोदाम पर छापा मार दिया.

    टीम जब वहां पहुंची तो चार अलग-अलग भट्टियों पर खोया बनाया जा रहा था. वहीं करीब 50 किलो खोया वहां पहले से ही बना रखा था. टीम को देखकर मौके पर मौजूद कुछ लोग भाग निकले. टीम ने खोया बनाने के लिए वहां जमा किए गए सभी सामान को जब्त कर लिया.

    दीवाली के लिए ऐसे बना रहे थे नकली खोया
    चीफ एफएसडीए अधिकारी रामाशीष मौर्य ने बताया कि जब टीम ने छापा मारा तो वहां बड़ी मात्रा में मिल्क पाउडर, रिफाइंड तेल और पॉम ऑयल भरा हुआ मिला. इन्हीं तीनों सामान से पहले दूध बनाया जा रहा था और उसके बाद दूध से खोया बना रहे थे. खास बात ये है कि पॉम ऑयल, रिफाइंड तेल की तुलना में खासा सस्ता होता है. इसमे चिकनाई भी ठीक-ठाक होती है. इसीलिए रिफाइंड कम और पॉम ऑयल का ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा था.

    इस से दूध और नकली पनीर भी बनाया जा रहा है
    रामाशीष मौर्य का कहना है कि दीवाली आने से पहले ही दूध और दूध से बने सामान में मिलावट करने का धंधा शुरु हो जाता है. लेकिन दीवाली को ध्यान में रखते हुए हमारा विभाग मुस्तैद है. कई जगह जांच में नकली दूध-पनीर को भी मिल्क पाउडर, रिफाइंड तेल और पॉम ऑयल से बनाने का खेल पकड़ा गया है.

    अधिकारी बोले ऐसे करें नकली दूध-पनीर और खोया की पहचान
    रामाशीष मौर्य का कहना है कि नकली दूध, पनीर हो या फिर खोया उसकी पहचान करना बड़ा ही आसान है. फौरी तौर पर नकली की पहचान करने के लिए किसी भी तरह के केमिकल की कोई जरूरत नहीं है.

    खोया- नकली खोया जब हाथ में लेकर देखते हैं तो ये हाथ में चिकनाई छोड़ जाता है.

    दूध- मिल्क पाउडर, रिफाइंड तेल और पॉम ऑयल से बने दूध को जब गर्म किया जाता है तो ये पीला पड़ जाता है.

    पनीर- मिल्क पाउडर और रिफाइंड तेल से बना पनीर कठोर हो जाता है. जबकि दूध से बना पनीर मुलायम होता है. वहीं खाने के दौरान रिफाइंड तेल की महक आने लगती है.

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