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सार्वजनिक जगह पर नमाज़ पढ़ते हैं कर्मचारी, तो कंपनी जिम्मेदार नहीं: नोएडा DM

सार्वजनिक जगह पर नमाज़ पढ़ते हैं कर्मचारी, तो कंपनी जिम्मेदार नहीं: नोएडा DM

सांकेतिक तस्वीर

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जिलाधिकारी ने कहा है कि किसी भी कर्मचारी के धार्मिक विश्वास के लिए कोई कंपनी या बिज़नेस हाउस जिम्मेदार नहीं है.

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    गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि अगर कोई शख्स सार्वजनिक जगह पर नमाज़ पढ़ता हुआ पाया गया तो इसके लिए उसकी कंपनी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा. इसके पहले स्थानीय पुलिस द्वारा पार्क में नमाज़ अदा न करने का नोटिस जारी किया गया था.

    अब जिलाधिकारी ने कहा है कि किसी भी कर्मचारी के धार्मिक विश्वास के लिए कोई कंपनी या बिज़नेस हाउस जिम्मेदार नहीं है. दरअसल, नोएडा के एक पुलिस थाने ने 23 निजी कंपनियों को नोटिस भेजकर अपने कर्मचारियों को स्थानीय पार्क में शुक्रवार की नमाज अदा करने से रोकने को कहा है. इसके साथ ही प्रशासन ने मंगलवार को कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर 'अनाधिकृत' धार्मिक जमावड़े की अनुमति नहीं दी जाएगी.

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    सुप्रीम कोर्ट के 2009 के एक आदेश का हवाला देते हुए अधिकारियों ने कहा कि सभी धर्मों की धार्मिक गतिविधियों के लिए सार्वजनिक स्थानों के अनाधिकृत इस्तेमाल पर स्पष्ट प्रतिबंध है.

    इस महीने सेक्टर 58 के थाना प्रभारी (एसएचओ) पंकज राय की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि इलाके में नोएडा प्राधिकरण के एक पार्क में प्रशासन की ओर से शुक्रवार को पढ़े जाने वाली नमाज सहित किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं है.

    इसमें कहा गया, "अक्सर देखने में आया है कि आपकी कंपनी के मुस्लिम कर्मचारी पार्क में इकट्ठे होकर नमाज पढ़ने के लिए आते हैं. उन्हें एसएचओ की ओर से मना किया जा चुका है. उनके द्वारा दिए गए नगर मजिस्ट्रेट महोदय के प्रार्थना पत्र पर किसी भी प्रकार की कोई अनुमति नहीं दी गई है.'

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    नोटिस में कहा गया, 'आपसे यह उम्मीद की जाती है कि आप अपने स्तर पर अपने मुस्लिम कर्मचारियों को अवगत कराएं कि वे नमाज पढ़ने के लिए पार्क में न जाएं. यदि आपकी कंपनी के कर्मचारी पार्क में आते हैं तो यह समझा जाएगा कि आपने उनको इसकी जानकारी नहीं दी है. इसके लिए कंपनी जिम्मेदारी होगी.'

    जिला मजिस्ट्रेट ब्रजेश नारायण सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय पाल शर्मा ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि संबंधित पुलिस अधिकारी बस अपनी जिम्मेदारी का पालन कर रहे हैं.

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी कंपनी अपने कर्मचारियों की व्यक्तिगत गतिविधियों के लिए जिम्मेदार नहीं होगी, जैसा कि पुलिस के नोटिस में कहा गया है.

    सिंह ने कहा, "हम दुबारा पुष्टि करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के 2009 के आदेश को अक्षरश: लागू किया जाएगा और हर किसी से अनुरोध करते हैं कि सार्वजनिक स्थान पर किसी तरह की भी ऐसी गतिविधि या नयी गतिविधि करनी हो तो सबसे पहले प्रशासन की अनुमति लेनी होगी अन्यथा यह अवैध होगी."

    नोटिस को प्रमाणिक बताते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में अगर इस तरह के मामले सामने आएंगे तो कानून के मुताबिक उनसे निपटा जाएगा.

    एसएसपी शर्मा ने कहा कि नोटिस बस सूचना के उद्देश्य से जारी किया गया है ताकि इन कंपनियों के कर्मचारियों को पता हो कि खास पार्क में इकट्ठे होकर धार्मिक गतिविधि की इजाजत नहीं है. सिंह ने कहा कि केवल प्रशासन की मंजूरी मिलने पर ही इसके लिए इजाजत होगी.

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    सिंह ने कहा कि सेक्टर 58 थाना अंतर्गत बिशनपुरा गांव के निवासियों की ओर से मिली शिकायत के बाद नोटिस जारी किये गए. यह पार्क इस गांव के करीब है.

    16 दिसंबर की तारीख वाली शिकायत में कहा गया है, 'पार्क में बिना इजाजत के ही शुक्रवार की नमाज के लिए आने वालों की संख्या बढ़ रही है.'

    इसमें कहा गया, 'प्राधिकरण के सार्वजनिक पार्क का निजी और धार्मिक मकसद से इस्तेमाल के लिए यह सोची समझी साजिश है.'

    शिकायतकर्ताओं ने यह भी दावा किया है कि उन्हें पता चला है कि वहां पर एक मजार का भी निर्माण किया जा सकता है.

    Tags: Muslim, Muslim Rashtriya Manch, Namaz, Noida Sector 137

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