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कोरोना का मरीज समझ डॉक्‍टर ने 5 माह के मासूम को छूने से किया इंकार, तड़प-तड़पकर हुई मौत
Lucknow News in Hindi

News18 Uttar Pradesh
Updated: April 2, 2020, 4:53 PM IST
कोरोना का मरीज समझ डॉक्‍टर ने 5 माह के मासूम को छूने से किया इंकार, तड़प-तड़पकर हुई मौत
क्वारंटीन सेंटर में नेपाली महिला ने दिया बच्चे को जन्म. (Demo PIc)

लखनऊ में कोरोना वायरस (COronavirus) की दहशत से एक निजी हॉस्पिटल के डॉक्टर पर 5 महीने के मासूम का इलाज न करने का आरोप. इलाज के अभाव में मासूम की जान गई.

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) के जानकीपुरम में रहने वाले निशांत सिंह सेंगर के परिवार की खुशियों को कोरोना (Coronavirus) के दहशत की नजर लग गई. दरअसल, निशांत के परिवार में उनकी पत्‍नी के अलावा कल तक पांच माह का एक बेटा भी था. परसों रात दूध पीते वक्‍त मासूम बेटे की सांस अचानक अटकने लगी. सांस नली में बाधा आने के बाद बेचैनी की वजह से बच्‍चा बुरी तरह से रोने लगा. पहले तो निशांत और उनकी पत्‍नी ने बच्‍चे को शांत कराने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन जब वह शांत नहीं हुआ तो हॉस्पिटल (Hospital) की तरफ लेकर भागे.

सबसे पहले उन्‍होंने घर के सबसे करीब मौजूद प्राइवेट हॉस्पिटल का रुख किया. लेकिन वहां उन्‍हें ताला लटकता हुआ मिला. पास ही मौजूद एक शख्‍स ने उन्‍हें रिंग रोड स्थित दूसरे प्राइवेट हॉस्पिटल में जाने की सलाह दी, जिसके बाद निशांत अपने मासूम बेटे को लेकर उस हॉस्पिटल की तरफ भागे. दुर्भाग्‍यवश, वह हॉस्पिटल भी बंद था. आखिर में निशांत लखनऊ के निशातगंज इलाके में स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल में अपने बेटे को लेकर पहुंचे. यहां हॉस्पिटल खुला था और डॉक्‍टर भी मौजूद थे, लेकिन निशांत के दुर्भाग्‍य ने उनका साथ नहीं छोड़ा था. बच्‍चे की हालत देख डॉक्‍टर को आशंका हुई कि कहीं वह कोरोना वायरस से संक्रमित तो नहीं है.

डॉक्टर ने हाथ भी न लगाया, बस दवा देकर चलता कर दिया



आरोप है कि कोरोना की आशंका की वजह से डॉक्‍टर ने बच्‍चे की जांच तक करने से इंकार कर दिया. डॉक्‍टर ने औपचारिकतावश कुछ दवाएं दीं और कहा- दवा पिलाओ, ठीक हो जाएगा. जब निशांत ने डॉक्‍टर से ठीक से देखने की गुजारिश की, तो उसे धमका कर वहां से चलता कर दिया गया. मजबूर निशांत बच्‍चे को लेकर घर वापस आ गए. बच्‍चे को दवा पिलाई. दवा पीते ही बच्‍चे की बेचैनी और बढ़ गई और वह शांत होने की बजाय बिलख-बिलख कर रोने लगा. बच्‍चे की हालत देख निशांत व उनकी पत्‍नी बुरी तरह घबरा गए. वह एक बार फिर बच्‍चे को लेकर अस्‍पताल पहुंचे. इस बार डॉक्‍टर की संवेदना जागी और उसने बच्‍चे का ठीक से परीक्षण किया. परीक्षण में लगा कि बच्‍चे की सांस नली में दूध फंसा हुआ है.



इलाज में हुई देर

डॉक्‍टर ने बच्चे के गले में नली डालकर सांस नली से दूध तो निकाल लिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. अपनी किलकारियों से घर के हर शख्‍स के चेहरे पर मुस्‍कान बिखेरने वाला मासूम अब सभी को छोड़ कर इस दुनिया से जा चुका था. कोरोना वायरस भले ही इस परिवार तक न पहुंचा हो लेकिन उसके खौफ ने इस मासूम की जान जरूर ले ली थी.

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First published: April 2, 2020, 3:04 PM IST
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