सीएम योगी 72 तो मायावती 48 घंटे तक नहीं कर सकेंगी प्रचार, चुनाव आयोग ने लगाई रोक

आयोग ने यह आदेश योगी आदित्यनाथ और मायावती के चुनाव प्रचार के दौरान विवादित बयान को लेकर दिया है. यह आदेश मंगलवार सुबह 6 बजे से लागू होगा.

News18Hindi
Updated: April 15, 2019, 3:40 PM IST
सीएम योगी 72 तो मायावती 48 घंटे तक नहीं कर सकेंगी प्रचार, चुनाव आयोग ने लगाई रोक
प्रतीकात्मक
News18Hindi
Updated: April 15, 2019, 3:40 PM IST
विवादित बयान के मामले में चुनाव आयोग ने 72 घंटे के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रचार पर रोक लगा दी है. आयोग ने 48 घंटे के लिए मायावती के प्रचार पर भी रोक लगाई है. आयोग का यह आदेश कल सुबह (मंगलवार) 6 बजे से लागू होगा. आयोग ने यह आदेश योगी आदित्यनाथ और मायावती के चुनाव प्रचार के दौरान विवादित बयान को लेकर दिया है. बता दें इस मामले पर सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को फटकार लगाई है.

ये भी पढ़ें- नेताओं के विवादित बोल पर सख्त सुप्रीम कोर्ट, EC से जताई नाराजगी

शीर्ष अदालत ने चुनाव प्रचार के दौरान नफरत भरे भाषण देने और धार्मिक आधार पर वोट मांगने वाले नेताओं पर कार्रवाई न करने को लेकर चुनाव आयोग की सीमित शक्तियों को लेकर नाराजगी जताई है. कोर्ट ने आयोग से मंगलवार सुबह 10:30 बजे तक जवाब मांगा है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'आप ऐसे मामलों को नजरअंदाज नहीं कर सकते. आपने ऐसे बयानों पर कुछ नहीं किया. आपको इन बयानों पर जरूर कार्रवाई करनी चाहिए.'

वहीं चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि चुनाव आचार संहिता तोड़ने को लेकर वह नोटिस और एडवाइजरी जारी कर रहा है. वह न तो किसी को अयोग्य करार दे सकता है और न ही किसी पार्टी को डिरजिस्टर (अपंजीकृत) कर सकता है?

ये भी पढ़ें- जया प्रदा ने आजम के बयान को बताया गाली, कहा- इन्हें चुनाव न लड़ने दिया जाए

इस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने सवाल किया कि क्या चुनाव आयोग अपनी ताकत जानता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह चुनावी अभियान में हेट स्पीच और सांप्रदायिक बयानबाजी करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए चुनाव आयोग के अधिकारों की जांच करेगा. चीफ जस्टिस ने कहा कि वे इस मामले की कल सुबह 10:30 बजे सुनवाई करेंगे और मंगलवार को चुनाव आयोग का कोई प्रतिनिधि मौजूद रहे.
Loading...

ये भी पढ़ें- लोकसभा चुनाव: पूर्वांचल में मायावती ने फिर खेला 'बाहुबली' दांव

कुछ दिनों पहले यूपी के मुख्यमंत्री को उनकी 'अली-बजरंगबली' की टिप्पणी के लिए चुनाव आयोग द्वारा एक और नोटिस जारी किया गया था. आदित्यनाथ ने एक रैली में कहा था, 'अगर आप (विपक्ष) को अली पर भरोसा है, तो हमें बजरंगबली पर भरोसा है.'

इस नोटिस के जवाब में सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने यह बयान देवबंद में बसपा प्रमुख मायावती की मुस्लिम मतदाताओं से अपील के जवाब में दिया था. मायावती का बयान स्पष्ट रूप से सांप्रदायिक था जिसे चुनाव आयोग ने भी नोट किया था.

ये भी पढ़ें- 'अली-बली' वाले बयान पर सीएम योगी का चुनाव आयोग को जवाब- आगे से रखूंगा ध्यान
वहीं मायावती ने देवबंद में बसपा-सपा गठबंधन की पहली संयुक्त रैली के दौरान उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और बरेली जिलों में मुस्लिम मतदाताओं से अपील की थी. मायावती ने कहा था कि मैं इस चुनाव में मुस्लिम समाज के लोगों को सावधान करना चाहती हूं कि पूरी यूपी में कांग्रेस बीजेपी को टक्कर देने के लायक नहीं है.


एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पाससब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsAppअपडेट्स

 

 
Loading...

और भी देखें

पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...

वोट करने के लिए संकल्प लें

बेहतर कल के लिए#AajSawaroApnaKal
  • मैं News18 से ई-मेल पाने के लिए सहमति देता हूं

  • मैं इस साल के चुनाव में मतदान करने का वचन देता हूं, चाहे जो भी हो

    Please check above checkbox.

  • SUBMIT

संकल्प लेने के लिए धन्यवाद

काम अभी पूरा नहीं हुआ इस साल योग्य उम्मीदवार के लिए वोट करें

ज्यादा जानकारी के लिए अपना अपना ईमेल चेक करें

Disclaimer:

Issued in public interest by HDFC Life. HDFC Life Insurance Company Limited (Formerly HDFC Standard Life Insurance Company Limited) (“HDFC Life”). CIN: L65110MH2000PLC128245, IRDAI Reg. No. 101 . The name/letters "HDFC" in the name/logo of the company belongs to Housing Development Finance Corporation Limited ("HDFC Limited") and is used by HDFC Life under an agreement entered into with HDFC Limited. ARN EU/04/19/13618
T&C Apply. ARN EU/04/19/13626