पंचायत चुनाव में ड्यूटी से बचने के लिए कर्मचारी बता रहे अजब-गजब बहाने, आयोग ने गठित की डॉक्टरों की टीम

चुनाव में ड्यूटी से बीमारी का बहाना मारकर बचने वाले कर्मचारियों की डॉक्टरों की टीम जांच करेगी. (सांकेतिक फोटो)

चुनाव में ड्यूटी से बीमारी का बहाना मारकर बचने वाले कर्मचारियों की डॉक्टरों की टीम जांच करेगी. (सांकेतिक फोटो)

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में होने वाले पंचायत चुनाव (Panchayat Chunav) में सरकारी कर्मचारी ड्यूटी से बचने के लिए अजीबो-गरीब बहाने बता रहे हैं. इसको देखते हुये चुनाव आयोग ने डॉक्टरों (Doctors) के एक बोर्ड को गठित कर दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 12, 2021, 9:30 PM IST
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मेरठ. पंचायत चुनाव को लेकर मेरठ में कल यानी कि 13 अप्रैल से नामांकन शुरू हो रहे हैं. पन्द्रह अप्रैल तक नामांकन होंगे और 26 अप्रैल को मतदान होगा. चुनाव को लेकर आजकल तकरीबन दस हजार से भी ज्याद मतदान कार्मिकों को ट्रेनिंग दी जा रही है. लेकिन इसे आप क्या कहेंगे कि ड्यूटी कटवाने के लिए मतदान कार्मिक एक से बढ़कर एक बहाने बना रहे हैं.

किसी ने शादी में जाने का बहाना बनाया तो किसी ने बीमार होने का बहाना बनाया. डीपीआरओ आलोक कुमार सिन्हा ने बताया कि अब तक सैकड़ों की संख्या में कार्मिकों ने अपनी ड्यूटी कटवाने के लिए आवेदन किया है. लेकिन, चालीस प्रतिशत से ज्यादा आवेदन कैंसिल कर दिए गए हैं, क्योंकि लोगों ने ड्यूटी कटवाने का जो तर्क रखा था वो सही नहीं निकला.

डीपीआरओ ने बताया कि जिन लोगों ने अपनी बीमारी की बात बताकर ड्यूटी कटवाने के लिए आवेदन किया था. उनका जब डॉक्टर्स ने टेस्ट किया तो वो बिलकुल फिट निकले. डीपीआरओ ने बताया कि ड्यूटी कटवाने के लिए लंबी लाइन लगी है. इसलिए विभाग ने मेडिकल बोर्ड बना दिया है. इस मेडिकल बोर्ड में डॉक्टर्स की टीम कार्मिकों का परीक्षण करेगी. उन्होंने बताया कि चालीस प्रतिशत कार्मिक बहानेबाज निकले हैं. यानी डॉक्टर्स की टीम ने चालीस प्रतिशत लोगों को अनफिट नहीं माना. डीपीआरओ ने कहा कि इस सबके बावजूद अगर कोई पोलिंग के दिन यानी छब्बीस अप्रैल को मतदान के दिन एबसेंट रहेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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डीपीआरओ ने बताया कि बहानेबाजों से निपटने में पंचायतीराज विभाग सक्षम है. आलोक कुमार सिन्हा ने कहा कि कोई शादी का हवाला दे रहा है. तो कोई दूसरा बहाना बना रहा है. उन्होंने बताया कि विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि शादी ब्याह के मामले में जब तक व्यक्ति की ख़ुद की शादी न हो. या फिर उसके बेटा बेटी की शादी न हो तब तक ड्यूटी नहीं कटेगी. मामा के लड़के की शादी के लिए ड्यूटी नहीं टेगी. वहीं बीमारी का बहाना बनाने वालों के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन कर ही दिया गया है.

जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि कुल चार पदों के लिए मेरठ में आगामी 26 अप्रैल को मतदान होना है. ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के लिए मतदान होना है. उन्होंने बताया कि जिला पंचायत सदस्य का नामांकन जिला मुख्यालय पर होगा, जबकि बाकी तीन पदों का नामांकन विकासखंड मुख्यालय पर होगा. इसके लिए सहायक निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किए गए हैं.

डीपीआरओ आलोक कुमार सिन्हा ने बताया कि मतदान कार्मिकों की ट्रेनिंग कराई गई है. दस हजार से ज्यादा कर्मचारियों की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है. उन्होंने कहा कि मेरठ में कुल 2346 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं. जबकि 850 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं. सेक्टर मजिस्ट्रेट और ज़ोनल मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिए गए हैं मेरठ के तेरह लाख मतदाता इन पदों के लिए आगामी छब्बीस अप्रैल को मतदान करेंगे. डीपीआरओ ने कहा कि दस प्रतिशत पोलिंग पार्टीज रिज़र्व में भी  रखी गई है.
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