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550 वां प्रकाश पर्व: एटा के सिख समुदाय ने पीएम मोदी को करतारपुर कॉरिडोर खोलने के लिए दी बधाई !

550 वें प्रकाश पर्व पर एटा के लोगों ने धूमधाम से मनाई गुरुनानक जयंती
550 वें प्रकाश पर्व पर एटा के लोगों ने धूमधाम से मनाई गुरुनानक जयंती

एटा के सिख समुदाय ने 550 वें प्रकाश पर्व को धूमधाम से मनाया जा रहा है, 'वाहेगुरु जी की फतेह, वाहेगुरु जी का खालसा' के जयकारों के साथ प्रभात फेरी भी निकाली जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों ने हिस्सा लिया.

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एटा. गुरु नानक जयंती के अवसर पर पूरे देश के साथ-साथ जनपद के सिख समुदाय के लोगों द्वारा गुरु नानक जी के 550 वें प्रकाश पर्व को बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है. इस अवसर पर सिख समुदाय के लोगों ने करतारपुर कॉरिडोर खोलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई भी दी है.

'वाहेगुरु जी की फतेह, वाहेगुरु जी का खालसा'
गुरु नानक देव सिख धर्म के संस्थापक और सिखों के पहले गुरु थे. उनका जन्म कार्तिक पूर्णिमा के दिन रावी नदी के तट पर बसे तलवंडी नामक गांव में हुआ था जो अब पाकिस्तान में आता है. सिख धर्म में गुरु नानक देव के जन्मदिन को प्रकाश पर्व के रूप में मनाते हैं. इनके जन्मदिन को लेकर हालांकि विद्वानों में मतभेद भी हैं. क्योंकि लूनर कैलेंडर में ग्रहों की दशा और चाल परिवर्तित होती है.

550 वें प्रकाश पर्व पर प्रभात फेरी में बड़ी संख्या में महिलाओं ने लिया हिस्सा

एटा के सिख समुदाय ने 550 वें प्रकाश पर्व पर 'वाहेगुरु जी की फतेह, वाहेगुरु जी का खालसा' के जयकारों के साथ प्रभात फेरी निकाली जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों ने हिस्सा लिया. इस मौके पर लोगों का उत्साह देखते ही बनता था. लोगों में सरकार द्वारा करतारपुर कॉरिडोर खोलने पर खुशी जाहिर करते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को करतारपुर कॉरिडोर खोलने पर बधाई दी है.



News 18 संवाददाता ने 550 प्रकाश पर्व पर एटा के सिख समुदाय के सरदार अजीत सिंह से बात की. अजीत सिंह के मुताबिक गुरु नानक जी के 550 वें जन्मदिन को उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. वो कहते हैं कि गुरु नानक जी सिर्फ सिखों के नहीं बल्कि सभी धर्मों के गुरु थे, वह सभी धर्मों को एकजुट रखना चाहते थे. वहीं भारत सरकार के प्रयास से करतारपुर कॉरिडोर खोले जाने के फैसले को लेकर ख़ुशी भी जाहिर की.

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