बच्चों को भूख से बिलखता देख पिता ने लगाई फांसी, घर में 5 दिनों से नहीं जला था चूल्हा

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में भूख से तड़पकर परिवार के मुखिया ने आत्महत्या कर ली. मामला प्रदेश के कासगंज (Kasganj) जिले का है. 5 दिनों से भूख से तड़पने के बाद परिवार के मुखिया ने पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 31, 2019, 8:35 PM IST
बच्चों को भूख से बिलखता देख पिता ने लगाई फांसी, घर में 5 दिनों से नहीं जला था चूल्हा
भूख से तड़पकर परिवार के मुखिया ने की आत्महत्या.
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Updated: August 31, 2019, 8:35 PM IST
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में भूख से तड़पकर परिवार के मुखिया ने आत्महत्या कर ली. मामला प्रदेश के कासगंज (Kasganj) जिले का है. जिले के कस्बा विलराम में एक परिवार बीते 5 दिनों से भूख से तड़पता रहा. इससे हताश होकर परिवार के मुखिया ने पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली. इतना ही नहीं इस बात की भनक कासगंज जिला प्रशासन, नगर पंचायत चेयरमैन और वार्ड मेम्बर को भी नहीं लगी. आत्महत्या के मामले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन  में हड़कंप मच गया.

आनन-फानन में कासगंज नायब तहसीलदार मौके पर पहुंच गई  और परिवार को राशन  मुहैया कराया. वहीं पुलिस ने युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. यह घटना तब हुई है जबकि उत्तर प्रदेश  सरकार गरीबों को मुफ्त राशन  वितरित कर रही है. साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश  दिया है कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भूख से नहीं मरना चाहिए.

मृतक के परिवार के लिए करा दी गई है राशन की व्यवस्था
फिलहाल जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि पूरन सिंह नाम के व्यक्ति ने शुक्रवार शाम को फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली है. मृतक के परिवार के लिए राशन की व्यवस्था करा दी गई है. डीएम ने मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है.  मामला कासगंज जिले के कोतवाली ढोलना क्षेत्र के बिलराम कस्बे का है जहां भुखमरी के कगार पर पहुंचे परिवार के मुखिया ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. मृतक का नाम पूरन सिंह था, जो बहुत दिनों से अपने परिवार का भरण-पोषण करने में असमर्थ था.

पूरन सिंह को दिल्ली में नहीं मिला रोजगार
परिवार की चिंता की वजह से पूरन सिंह रोजगार की तलाश में दिल्ली गया था, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी पूरन सिंह को दिल्ली में कोई रोजगार नहीं मिला और हताश होकर पूरन सिंह अपने घर वापस लौट आए. परिवार के पालन-पोषण की चिंता से जूझ रहे पूरन सिंह ने शनिवार को पेड़ से लटककर फांसी लगा ली. मृतक की बेटी गुड़िया ने बताया कि घर की हालत बहुत खस्ता है और घर में बीते चार दिनों से पैसे और राशन न होने की वजह से खाना नहीं बन सका और सब लोग भूखे रह रहे थे. अगर कोई गांव वाला खाने को दे देता है तो परिवार वाले खाना खा लेते हैं, वरना भूखा ही रहना पड़ता है.

गर्भवती पत्नी समेत परिवार में हैं 4 सदस्य
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मामले ही जानकारी मिलते ही नायब तहसीलदार कीर्ति चौधरी मृतक के घर पहुंची और मृतक पूरन सिंह के परिवार के लिए राशन की व्यवस्था कराई. पूरन सिंह के परिवार में पूरन की पांच माह की गर्भवती पत्नी सुनीता, बेटी गुड़िया (13), बेटी हेमलता (5) और बेटा छत्रपाल (3) बचा है. अब देखना होगा जिला प्रशासन मृतक पूरन के परिवार को क्या आर्थिक सहायता देता है? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा.

रिपोर्ट - अजेन्द्र शर्मा

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First published: August 31, 2019, 8:14 PM IST
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