एटा जिले के इस थाने में 19 सालों में दर्ज हुई सिर्फ दो FIR, अफसर भी हैरान

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 11, 2019, 8:47 AM IST
एटा जिले के इस थाने में 19 सालों में दर्ज हुई सिर्फ दो FIR, अफसर भी हैरान
एटा के जीआरपी थाने में दर्ज हुई है महज दो एफआईआर.

एटा जीआरपी थाना (GRP Police Station Etah) इलाके में पूरी तरह से शांतप्रिय माहौल होने का दावा कर रहा है. हालांकि, एटा अपराधग्रस्‍त जिलों की लिस्‍ट में आता है.

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एटा. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अपराधग्रस्त जिले के नाम से जाना जाने वाले एटा (Etah District) में एक ऐसा भी थाना है, जहां पर 19 वर्षों में मात्र दो ही एफआईआर दर्ज हुई है. सोलह साल तक थाने की जीडी में एक भी शिकायत दर्ज नहीं की गई. अपराध की इतनी कम संख्या को लेकर पुलिस विभाग भी हैरान है कि आखिर ऐसा कैसे होता रहा? लेकिन, यह सच है कि एटा जीआरपी (GRP Police Station Etah) का थाना पूरी तरह से शांतप्रिय माहौल होने का दावा कर रहा है.

रेलवे कॉलोनी स्थित जीआरपी थाना की स्थापना वर्ष 2001 में हुई थी. इससे पहले तक एटा जिले में जीआरपी की चौकी ही थी. एटा से टूंडला तक चलने वाली पैसेंजर ट्रेन की सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारी पहले चार सिपाहियों के जिम्मे थी, लेकिन जब से थाने की स्थापना हुई तो एक प्रभारी, एक हेड कांस्टेबल सहित आठ जवानों की ड्यूटी लगाई गई. थाने का संचालन होने के बाद से वर्ष 2016 तक थाने में रखी जीडी पूरी तरह से खाली पड़ी रही. लंबे समय तक जीआरपी थाना में एक भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई. वर्ष 2016 में ट्रेन की बोगी में एक शव मिला तब जाकर पहली एफआईआर दर्ज की गई. इसके बाद वर्ष 2019 में कुछ अराजक तत्वों ने गेटमैन के साथ मारपीट की वारदात को अंजाम दिया. उसके बाद इस थाने में दूसरी एफआईआर दर्ज हुई. एटा अपराधग्रस्त जिलों की सूची में शामिल है. लोगों की भी ही ऐसी धारणा है, लेकिन एफआईआर दर्ज होने रिकॉर्ड यही बताते हैं कि यह दावे खोखले हैं.

आठ छोटे-बड़े स्टेशनों की निगरानी करता है जीआरपी थाना

जीआरपी थाना की पुलिस एटा और आगरा बॉर्डर की अंतिम स्टेशन बरहन तक निगरानी करती है. एटा जिले की शाह नगर टिमरूआ स्टेशन अंतिम स्टेशन है. जीआरपी के दो सिपाही ट्रेन के साथ जाते हैं जो ट्रेन ले जाने और लाने का काम करते हैं. थाने की स्थापना होने के बाद से ट्रेन में अब तक किसी भी तरह की लूट या चोरी की वारदात नहीं हुई है.

etah grp police station
थाना प्रभारी प्रताप सिंह ने कहा कि यहां क्राइम नहीं हो रहा है.


'क्राइम हो ही नहीं रहा'

थाना प्रभारी प्रताप सिंह ने बताया कि जब से यह थाना बना है उसके बाद से महज दो ही एफआईआर दर्ज हुई है. आखिरी एफआईआर गेटमैन के साथ मारपीट की लिखी गई थी. उन्होंने कहा कि जब कोई क्राइम हो ही नहीं रहा तो मुकदमा कैसे लिखा जाए.
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(रिपोर्ट: सुमित कुमार)

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First published: September 11, 2019, 8:09 AM IST
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