वृद्धाश्रम में बुजुर्गों को सेवा के नाम पर दी जाती हैं यातनाएं, वार्डेन पर लगे गंभीर आरोप

आश्रम में रहने वाले बुर्जुगों ने दबी जुबान में संस्था की वार्डेन पर गंभीर आरोप लगाये हैं. उनका कहना है कि उनको भरपेट भोजन नहीं दिया जाता और खाना मांगने पर वार्डेन द्वारा उन्हें धमकाया जाता है.

Manoj Srivastava | News18 Uttar Pradesh
Updated: August 9, 2018, 8:25 PM IST
Manoj Srivastava | News18 Uttar Pradesh
Updated: August 9, 2018, 8:25 PM IST
बहू और बेटों के जिल्लत भरे ताने, बेबसी और लाचारी के चलते आवासीय वृद्दाश्रम में रहने वाले हमारे बुर्जुग आज किन हालातों में बेबसी भरा जीवन जीने को मजबूर है ये किसी से छिपा नहीं है. वृद्धाश्रम चलाने वाले एनजीओ समाज सेवा के नाम पर सरकार से मिलने वाली मोटी रकम किस कदर डकार रहे है इसकी बानगी एक बार फिर एटा में देखने को मिली. यहां देहात कोतवाली क्षेत्र के चिलासनी गांव स्थित वृद्धाश्रम में जीवन के अंतिम दिन काट रहे बुर्जुगों को अमानवीय व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है.

आश्रम में रहने वाले बुर्जुगों ने दबी जुबान में संस्था की वार्डेन पर गंभीर आरोप लगाये हैं. उनका कहना है कि उनको भरपेट भोजन नहीं दिया जाता और खाना मांगने पर वार्डेन द्वारा उन्हें धमकाया जाता है. और तो और यहां आने वाले अधिकारियों से शिकायत करने पर उन्हें प्रताड़ित भी किया जाता है. वृद्धाश्रम चलाने वाले एनजीओ संचालक, समाज सेवा के नाम पर मोटी रकम डकार रहे हैं.धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने वाले FB पोस्ट पर हंगामा, संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज)

चिलासनी स्थित वृद्धाश्रम में वृद्ध लोगों के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार को डीएम ईश्वरी प्रसाद पाण्डेय ने गंभीरता से लिया है. उन्होंनेए एसडीएम के नेतृत्व में एक टीम गठित कर वृद्धाश्रम पर छापामार कार्यवाई के साथ ही साथ जांच रिपोर्ट देने के भी निर्देश दिये हैं. डीएम का कहना है कि जांच में अगर अनियमिताएं पाई जाती है तो कड़ी कार्यवाई की जाएगी.(योगी के सपनों पर फिरा पानी, खटाई में पड़ा अंतरराष्ट्रीय बस स्टॉप का निर्माण)
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