UP Pol-trick : समाजवादी पार्टी की चाल से बहुजन समाज पार्टी लखड़खड़ाई

जब मायावती के पाले से कई नेता अखिलेश यादव के खेमे में जा मिलें तो चिंतित बसपा ने इसकी वजह तलाशनी शुरू की.
जब मायावती के पाले से कई नेता अखिलेश यादव के खेमे में जा मिलें तो चिंतित बसपा ने इसकी वजह तलाशनी शुरू की.

इटावा में अखिलेश यादव ने दीपावली के दिन बड़ी तादाद में बसपा से जुड़े हुए कई प्रमुख नेताओं को सपा की सदस्यता ग्रहण करा दी. इसी सदस्यता अभियान के बाद बसपा हाईकमान सदमे में है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 19, 2020, 5:45 PM IST
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इटावा. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के दीपावली बम के फटने बाद बहुजन समाज पार्टी उबरने की कोशिश में लग गई है. असल में अपने गृह जिले इटावा में अखिलेश यादव ने दीपावली के दिन बड़ी तादाद में बसपा से जुड़े हुए कई प्रमुख और महत्त्वपूर्ण नेताओं को सपा की सदस्यता ग्रहण करा दी. इसी सदस्यता अभियान के बाद बसपा हाईकमान सदमे में है और आनन-फानन में नेताओं के अलग होने का कारण जानना और परखना शुरू कर दिया है.

दीपावली के दिन यह हुआ

दरअसल, अखिलेश यादव ने दीपावली के दिन अपने सिविल लाइन स्थित आवास पर प्रेस वार्ता करके बसपा के कई कद्दावर नेताओं को समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई. दीपावली पर अखिलेश के छोड़े हुए इस बम ने बसपा को चारों खाने चित कर दिया है. बहुजन समाज पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष लाखन सिंह जाटव, बसपा के पूर्व जिला अध्यक्ष राघवेंद्र गौतम, पूर्व जिला अध्यक्ष जितेंद्र दोहरे, बसपा के पूर्व भाईचारा कमेटी के संयोजक वीरू भदौरिया समेत दर्जनों बसापाइयों ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है. इससे पहले भी  बसपा के नेता पूर्व विधान परिषद सदस्य महेश चंद्र आर्या, इटावा लोकसभा के पूर्व बसपा प्रत्याशी अजय पाल सिंह जाटव समेत कई नेता सपा की सदस्यता ग्रहण कर चुके हैं. पार्टी छोड़ने वाले कई महत्त्वपूर्ण नेताओं की तरफ से ऐसा कहा गया है कि विधान परिषद के सदस्य बने भीमराव अंबेडकर की नीतियों से खफा हो उन्होंने पार्टी से अलग होने का निर्णय लिया है.

जितेंद्र दोहरे ने बताई पार्टी छोड़ने की वजह

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