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Etawah News: श्रम अधिकारी सहित 6 लोगों के खिलाफ दर्ज होगा केस, पढ़ें पूरा मामला

सीजेएम कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है.

सीजेएम कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है.

इटावा (Etawah) के मिष्ठान दुकान में हुए विवाद के मामले में सीजेएम कोर्ट ने  श्रम अधिकारी (Labor Officer) समेत 6 लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश किया है.

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इटावा. उत्तर प्रदेश के इटावा (Etawah ) जिले के श्रम अधिकारी समेत 6 लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश सीजेएम अदालत ने दिया है. अभियोजन पक्ष के अनुसार यह आदेश इटावा के सीजेएम रधुवीर सिंह राठौर ने आदेश दिया है. पांच महीने पहले शहर में बाल श्रम चेकिग के दौरान शहर की प्रतिष्ठित मिष्ठान दुकान पर छापामार कार्रवाई के वक्त वाद-विवाद हो गया था. अब इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक तथा जिला श्रम अधिकारी समेत छह लोगों के खिलाफ तत्काल अभियोग दर्ज करके सात दिन में न्यायालय को स्थिति से अवगत कराने का आदेश शहर कोतवाल को दिया है.

प्रतिष्ठित मिष्ठान व्यवसायी हीरालाल पुत्र सूरज सिंह पुरबिया टोला ने अधिवक्ता अश्वनी सिंह के माध्यम से सीजेएम न्यायालय में पिछले साज 29 सितंबर को प्रार्थना पत्र प्रेषित किया था. इसमें कहा गया था कि बीते 23 सितंबर को वे दुकान के काउंटर पर बैठा हुए थे. इस दौरान उसके पुत्र राहुल तथा कर्मी कार्यरत थे. आसपास की दुकानों पर भी भीड़ थी. दोपहर करीब एक बजे तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली अमरपाल सिंह, जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी संत कुमार, सहायक प्रवर्तन अधिकारी, महिला सिपाही हिमाली, अभय सिंह तथा टाटा सूमो चालक हेड कांस्टेबल वकीलुद्दीन दुकान पर पहुंचे.

मारपीट का लगा है आरोप



प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि दुकान पर पहुंची टीम ने बोला कि नाबालिग बच्चे यहां कार्य कर रहे हैं. उसने जवाब दिया कि दुकान में चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. नाबालिग कार्य नहीं करते हैं. इस पर यह सभी लोग मारपीट करते हुए धमकाने लगे और कहने लगे कि 50 हजार रुपये दो अन्यथा कड़ी कानूनी कार्रवाई करेंगे. चीख-पुकार सुनकर आसपास के दुकानदारों के आ जाने पर यह लोग धमकी देकर चले गए.
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हीरालाल का कहना है कि उच्चाधिकारियों से शिकायत की तो हमारे ही खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित अन्य धाराओं में अभियोग दर्ज करा दिया है. हमारी कोई बात नहीं सुनी गई. अधिवक्ता अश्वनी सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य अकाट्य साक्ष्यों को प्रस्तुत करके मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रघुवीर सिंह राठौर से न्याय प्रदान कराने का अनुरोध किया. उन्होंने दोनों पक्षों के तथ्यों पर मनन करने के उपरांत मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी किया है.
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