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डॉल्फिन को रास आया चंबल का पानी, तेजी से बढ़ रहा कुनबा, PM मोदी की पहल पर पर्यटकों में जागी रुचि

चंबल नदी में डॉल्फिन.

चंबल नदी में डॉल्फिन.

राष्ट्रीय जलीय जीव डॉल्फिन (Dolphin) के संरक्षण के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वकालत के बाद चंबल नदी (Chambal River) में एकाएक पर्यटकों की आवाजाही बढ़ गई है. चंबल नदी में डॉल्फिन का कुनबा बढ़ रहा है.

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इटावा. राष्ट्रीय जलीय जीव डॉल्फिन (Dolphin) के संरक्षण की देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की वकालत के बाद चंबल (Chambal) में एकाएक पर्यटकों की आवाजाही बढ़ गई है. दुनिया की सबसे बुद्धिमान जीव कही जाने वाली डॉल्फिन का कुनबा उत्तर प्रदेश के इटावा जिले की चंबल नदी में अब बढ़ रहा है. पिछले करीब 40 सालों में डॉल्फिन की संख्या में दोगुनी तेजी से इजाफा हुआ है. चंबल नदी मे वैसे तो कई सैकड़ों जलचर पाये जाते हैं, लेकिन डॉल्फिन का आकर्षण अपने आप मे अदभुत है. हर कोई डॉल्फिन को देखने के लिए लालायित बना हुआ है.

बता दें कि 1979 में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में घड़ियालों के साथ गंगा डॉल्फिन (Ganga Dophin) के भी संरक्षण का काम शुरू किया गया था. तब यहां डॉल्फिन के महज पांच जोड़े छोड़े गए थे. पिछले वर्ष दिसंबर में जब चंबल सेंचुरी की टीम ने डॉल्फिनों की गणना की तो नतीजे काफी बेहतर मिले. चंबल में 150 वयस्क डॉल्फिनो अठखेलियां करती दिखीं. समुद्री लहरों के बीच अठखेलियों करने वाली डाफ्लिनों को चंबल का पानी रास आ रहा है. साफ पानी और आक्सीजन की अच्छी मात्रा मिलने से उनकी संख्या में इजाफा हुआ है.

चंबल में बढ़ रहे घड़ियाल-मगरमच्छ, कछुए


चंबल नदी डॉल्फिन के साथ-साथ घड़ियाल, मगरमच्छ, कछुए और विभिन्न प्रकार के जलचरों के लिए जानी जाती है. चंबल का पानी मीठा, साफ और शुद्ध होने के कारण यहां पिछले कुछ सालों में डाल्फिन्स का कुनबा बढ़ा है. डाॅल्फिन प्रदूषित पानी में कभी नहीं रहती. पानी में प्रदूषण बढ़ते ही डॉल्फिनों वह क्षेत्र छोड़ देती हैं. चंबल में ऐसा नहीं हुआ. यही वजह है कि बीते कुछ सालों में उनकी संख्या इतनी बढ़ गई. अगर ऐसे ही उनकी संख्या बढ़ती गई तो जल्द ही गंगा से ज्यादा यहां डाल्फिन पाईं जाने लगेंगी.
गंगा नदी में पाई जाने वाली डाल्फिन राष्ट्रीय जलीय जीव है. 5 अक्टूबर, 2009 को केंद्र सरकार ने गंगा डॉल्फिन को भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया था. इसका वैज्ञानिक नाम प्लैटनिस्टा गैंगेटिका है. गंगा डाल्फिन गंगा ब्रह्मपुत्र, सिंधु, मेघना नदी अपवाह तंत्र जिसमें भारत, नेपाल और बांग्लादेश शामिल हैं, में पाई जाती है. उत्तर प्रदेश में ये नरोरा और बिहार के पटना साहिब के क्षेत्र में पाई जाती हैं.
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