इटावा : सात फेरों से पहले दुल्हन की मौत, छोटी बहन से कराई शादी, विदाई के बाद हुआ अंतिम संस्कार

जयमाल की रस्म के बाद दुल्हन सुरभि के साथ उसकी छोटी बहन निशा (गोल घेरे में)

सात फेरों से ठीक पहले दुल्हन सुरभि की मौत हार्ट अटैक से हो गई. इसके बाद दुल्हन की छोटी बहन से दूल्हे की शादी कराई गई दी. शादी होने तक दुल्हन सुरभि का शव घर में ही रखा रहा. यह मामला इटावा के भर्थना इलाके के समसपुर का है.

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इटावा. उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में एक अकल्पनीय घटना हुई. यहां आयोजित एक शादी समारोह में सात फेरे से ठीक पहले हार्ट अटैक से दुल्हन की मौत हो गई. दुख की इस घड़ी में वर और वधू पक्ष के लोगों ने थोड़े विचार-विमर्श के बाद दुल्हन की छोटी बहन से दूल्हे की शादी करा दी. शादी होने तक पहले वाली दुल्हन का शव घर में ही रखा रहा. यह मामला इटावा के भर्थना इलाके के समसपुर का है.

सिंदूरदान भी हो चुका था

समसपुर में नवाली के रहनेवाले मंजेश कुमार की शादी सुरभि नाम की लड़की से हो रही थी. बारातियों का स्वागत और जयमाल कार्यक्रम पूरे हो चुके थे. मंडप में हिंदू रीति-रिवाज से शादी की रस्में पूरी की जा रही थीं. रात तकरीबन दो बजे दुल्हन की मांग भी भरी जा चुकी थी. इसके बाद सात फेरों से ठीक पहले मंडप में ही दुल्हन की तबीयत अचानक बिगड़ी और वह बेहोश हो गई. उसकी बिगड़ी हालत देख उसे तुरंत गांव के ही एक चिकित्सक को दिखलाया गया. जहां चिकित्सक ने सुरभि को डेड घोषित कर दिया. चिकित्सक के मुताबिक, सुरभि की मौत हार्ट अटैक से हुई थी.

सात फेरों से पहले हार्ट अटैक से हुई दुल्हन की मौत

दुल्हन की मौत के बाद वर-वधू पक्ष के बीच मातम पसर गया. इस मौके पर मौजूद हर शख्स दुख में डूबा था. जहां थोड़ी देर पहले खुशी के ठहाके गूंज रहे थे, वहां अचानक माहौल गमगीन हो गया. सुरभि के भाई सौरभ जाटव ने बताया कि इस गम के माहौल में घरवालों और लड़केवालों के बीच बातचीत हुई. फिर तय हुआ कि छोटी बहन निशा से लड़के की शादी करा दी जाए. सबकी सहमति के बाद आनन-फानन में मृत दुल्हन की छोटी बहन निशा की शादी दूल्हे से करा दी गई. इस बीच मृत दुल्हन सुरभि का शव घर में ही रखा रहा. निशा की विदाई के बाद सुरभि का अंतिम संस्कार किया गया.

दुल्हन की छोटी बहन से शादी कराने का फैसला

दूल्हे के ताऊ अजब सिंह ने बताया कि वैवाहिक कार्यक्रम हिन्दू रीति-रिवाज के साथ सम्पन्न हो रहा था. बारात स्वागत, बारात भ्रमण, जयमाला, दावत, गोद भराई, मांग भराई सहित कई रस्में हो चुकी थीं. सात फेरों से पहले अचानक दुल्हन की तबीयत बिगड़ी और कुछ ही मिनट में उसकी मौत हो गई. दुल्हन के ताऊ महेश चंद्र ने बताया कि फेरों से पहले जब दुल्हन की तबीयत अचानक बिगड़ी तो उसे तुरंत स्थानीय डॉक्टर के पास ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया गया. दुल्हन की मौत के बाद दोनों पक्षों ने तय किया कि दुल्हन की छोटी बहन के साथ शादी करा दी जाए. उसके बाद शादी करा दी गई. जब रस्म पूरी हो गई. उसके बाद दुल्हन का अंतिम संस्कार करा दिया गया.