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पुरूषों के खुलेआम टॉयलेट पर सवाल नहीं, लेकिन महिलाओं के जश्न डांस पर आपत्ति क्यों?

दो दिन के क्रिकेट प्रतियोगिता में महिला टीचरों की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया था, इसकी खुशी में मैदान में उन्होंने जश्न का डांस किया था
दो दिन के क्रिकेट प्रतियोगिता में महिला टीचरों की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया था, इसकी खुशी में मैदान में उन्होंने जश्न का डांस किया था

महिला टीचरों के जश्न मनाने पर पुरुष शिक्षकों ने सोशल मीडिया (Social Media) पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियां की. साथी शिक्षकों की इस हरकत से महिला टीचरों को काफी दुख और शर्मिंदगी महसूस हुई. कई महिला टीचरों को यह तक कहते हुए सुना गया कि उनके पति, ससुर और सास आदि ने उनसे सरकारी नौकरी (Government Job) छोड़कर घर बैठने की धमकी और चेतावनी दे डाली है

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 16, 2020, 11:22 PM IST
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इटावा. जब कोई पुरूष सड़क के किनारे खड़े होकर टॉयलेट (Toilet) करता है तो किसी को आपत्ति नहीं होती. मगर इसके विपरीत जब कोई महिला जश्न स्वरूप डांस (Dance) करती है तो पुरूष वर्ग को तकलीफ क्यों होने लगती है? यह कुछ ऐसे गंभीर सवाल है जो आज के परिवेश में महिलाओं की आजादी (खुलेपन) पर सवाल उठाते हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) जहां एक ओर नारी सशक्तिकरण कर आधी आबादी को प्रोत्साहित करने का काम कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर प्राथमिक स्कूल के शिक्षक मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच को ठेंगा दिखा रहे हैं.

यह हैरान करने वाला मामला इटावा (Etawah) जिले में सामने आया है जहां पुरुष शिक्षकों की ओर से महिला शिक्षाकर्मियों पर की गई आपत्तिजनक और अभ्रद टिप्पणियों के बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और जिलाधिकारी (DM) से गुहार लगाई है. एसएसपी ने महिला टीचरों को कार्रवाई का भरोसा देते हुए विभागीय कार्रवाई के अलावा कानूनी कार्रवाई की भी बात कही है.

दरअसल बीते 11 ओर 12 दिसंबर को इटावा के महात्मा ज्योतिबा फुले स्पोर्ट्स स्टेडियम में दो दिवसीय क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था. इसका शुभारंभ इटावा की जिलाधिकारी (डीएम) श्रुति सिंह ने किया था. प्रतियोगिता के समापन के बाद जीतने वाली महिला शिक्षिकाओं ने स्टेडियम परिसर में डांस किया था जिसका वीडियो वायरल हुआ था. महिला टीचरों के जश्न मनाने पर पुरुष शिक्षकों ने सोशल मीडिया पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियां की. साथी शिक्षकों की इस हरकत से महिला टीचरों को काफी दुख और शर्मिंदगी महसूस हुई. कई महिला टीचरों को यह तक कहते हुए सुना गया कि उनके पति, ससुर और सास आदि ने उनसे सरकारी नौकरी छोड़कर घर बैठने की धमकी और चेतावनी दे डाली है.



थाने पहुंचकर महिला डेस्क पर पुरुष शिक्षकों की हरकत की शिकायत की
इससे आहत दर्जनों महिला टीचरों ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर महिला डेस्क पर पुरुष शिक्षकों की शिकायत की. उन्होंने कहा जब किसी पुरुष को किसी अन्य के सड़क पर टॉयलेट करने पर आपत्ति नहीं होती तो क्यों वो महिलाओं के खुलेआम डांस करने पर आपत्ति जता रहे हैं, यह ऐसा सवाल है जो समझ से परे है.

महिला टीचरों ने कहा, पता नहीं क्यों जीत के जश्न के वीडियो पर आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी कर के पुरुष शिक्षक क्या हासिल करना चाहते हैं. उनकी दलील है कि प्रदेश सरकार महिला सुरक्षा को लेकर लगातार नए-नए कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रही है पर कुछ लोग इस जागरूक कार्यक्रम को भी अभद्र दृष्टि से देख रहे हैं.

दरअसल बेसिक शिक्षा प्राथमिक उदी बढ़पुरा में क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया था. इसमें महिला टीचरों ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. जीत की खुशी में अध्यापिकाओं ने ग्राउंड में विनिंग डांस किया था. किसी ने इसका वीडियो सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप में डाल दिया जो देखते ही देखते वायरल हो गया. साथ ही वीडियो पर लोगों ने अभद्र टिप्पणियां भी करनी शुरू कर दी. इससे महिला टीचर काफी आहत हुईं और उन्हें ठेस पहुंचा. वो इक्टठा होकर सिविल लाइन थाने पहुंचीं और महिला डेस्क पर जाकर इसकी शिकायत दर्ज कराई.

'जीत के बाद जश्न का डांस करना कष्टकारी हो गया'

महिला टीचर प्रिया शुक्ला ने कहा पुरूषों को इस बात का क्या हक है कि वो उनके जश्न डांस पर सवाल उठाए जबकि पुरूष खुलेआम सड़क के किनारे टॉयलेट करते हैं जिसपर कोई कुछ नहीं कहता. वहीं एक अन्य महिला शिक्षिका अर्चना चैधरी का कहना है कि किक्रेट स्पर्धा में जीत के बाद जश्न का डांस करना बेहद कष्टकारी हो गया है क्योंकि उनको 'नचनिया' कहा जाने लगा है.

पूरे मामले पर इटावा के एसएसपी आकाश तोमर ने पीड़ित शिक्षिकाओं को भरोसा दिया कि वो जांच करा कर इसपर यथाचित कानूनी कार्रवाई करेंगे.
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