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इटावा : कोरोनाकाल में पैरोल पर रिहा किए गए जिला जेल के 57 में से 38 कैदी हो गए फरार

कोरोनाकाल में 57 कैदियों को पैरोल पर छोड़ा गया था जिनमें से
कोरोनाकाल में 57 कैदियों को पैरोल पर छोड़ा गया था जिनमें से

इटावा की जिला जेल अधीक्षक राजकिशोर सिंह ने न्यूज18 को बताया कि कोरोना काल में जेल से पैरोल पर रिहा किए गए कैदियों में से 38 का कोई पता नहीं लग रहा है. इनकी खोज के लिए जेल प्रशासन ने जिला प्रशासन को पत्र लिखा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 12, 2021, 8:37 PM IST
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इटावा. उत्तर प्रदेश ( Uttar Pradesh) के इटावा (Etawah) के जिला जेल (District Jail) से कोरोनाकाल (corona era) में पैरोल (parole) पर भेजे गए कैदियों में से 38 फरार हो गए हैं. फरार हुए इन कैदियों की तलाश के लिए जेल प्रशासन (Jail administration) ने खत लिख कर जिला प्रशासन से गुहार लगाई है. इटावा की जिला जेल अधीक्षक राजकिशोर सिंह ने न्यूज18 को बताया कि कोरोना काल में जेल से पैरोल पर रिहा किए गए कैदियों में से 38 का कोई पता नहीं लग रहा है. इन सभी की खोज के लिए जेल प्रशासन की ओर से जिला प्रशासन को खत लिखा गया है.

बताया गया कि कोरोनाकाल में 7 साल से कम सजायाफ्ता अपराधियों को कोरोना काल में घर पर रहने के लिए निर्धारित समय तक के लिए पैरोल पर जेल से मुक्त किया गया था. समयावधि बीतने के बावजूद अभी तक 38 कैदी लापता हैं. प्रशासन इनकी तलाश में सक्रिय हो गया है. कोविड-19 महामारी के व्यापक रूप को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे कैदियों को शुरू में 8 सप्ताह यानी करीब दो महीने के लिए मुक्त करने का निर्देश दिया था. इसके तहत शासनादेश जारी होने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर जेल प्रशासन ने बीते साल मार्च के अंतिम और अप्रैल के पहले सप्ताह तक 57 सजायाफ्ता कैदियों को पैरोल पर 8 सप्ताह के लिए मुक्त कर दिया था. महामारी का प्रकोप निरंतर बढ़ने पर पैरोल अवधि और बढ़ा दी गई. इन सभी को सही ढंग से रहने और निर्धारित समय पर जेल हाजिर होने की चेतावनी दी गई थी. निर्धारित समय 18 नवंबर को ये 38 कैदी जेल नहीं लौटे, तो जेल प्रशासन ने सूचना प्रकाशित कराई तो पता चला कि एक कानपुर देहात में अपराध करने के कारण वहां पकड़ा गया. 18 स्वतः ही जेल आ गए लेकिन 38 अभी तक जेल नहीं आए.





इटावा जिला जेल के अधीक्षक राजकिशोर सिंह बताते हैं कि कोविड-19 महामारी के कारण ऐसे कैदियों को पैरोल पर रिहा किया गया था. 38 कैदी अभी जेल नहीं आए हैं, उनके संबंध में जिला प्रशासन को अवगत करा दिया गया है. अग्रिम कार्रवाई उच्चाधिकारियों के निर्देशों के मुताबिक होगी.
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