इटावा: खुद की परवाह किए बगैर कोरोना संक्रमितों की सेवा कर रही नर्स उर्वशी दीक्षित, ऐसे बढ़ा रहीं हौसला

कोरोना संक्रमितों का हौसला बढ़ा रहीं नर्स उर्वशी दीक्षित

कोरोना संक्रमितों का हौसला बढ़ा रहीं नर्स उर्वशी दीक्षित

Etawah Corona Warrior: जब संक्रमित होने पर परिवार वाले ही दूरी बना लेते हैं, ऐसे में उर्वशी दीक्षित मरीजों के लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं हैं. वे मरीजों के बीच रहकर उन्हें अपनों से दूरी का एहसास नहीं होने दे रही हैं.

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इटावा. कोरोना संक्रमण (Corona Pandemic) की इस विभीषिका में हर कोई अपनी-अपनी जान बचाने में जुटा हुआ दिख रहा है, लेकिन इसके बाबजूद कुछ ऐसे लोग भी हैं जो खुद की परवाह किए बगैर संक्रमितों सहायता करने में जुटे हुए हैं. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के इटावा (Etawah) जनपद स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में तैनात सहायक नर्सिंग अधीक्षक उर्वशी दीक्षित (Urvashi Dikshit) ऐसी ही कोरोना वारियर हैं, जो कोरोना संक्रमितों की मदद करने में जुटी हुई है.

जब संक्रमित होने पर परिवार वाले ही दूरी बना लेते हैं, ऐसे में उर्वशी दीक्षित मरीजों के लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं हैं. उर्वशी दीक्षित ने न्यूज 18 को एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि शहर के जिन लोगों के पास उनका नंबर है वो फोन करके उनसे विभिन्न स्तर की मदद लेते है. जब कभी कोई पीड़ित मदद के लिए फोन करता है तो फिर मन नहीं मानता मना करने का. उर्वशी दीक्षित कोविड-19 अस्पताल में जिस तरह से मरीजों के बीच पहुंचकर एवं उन्हें छू कर जल्द स्वस्थ होने को प्रेरित कर रही है, वह दूसरों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है. उनकी इस अनोखे सेवा कार्य को देखकर लोग हैरान हैं और प्रशंसा कर रहे हैं.

मरीजों को करा रही हैं अपनेपन का एहसास

उनका कहना है कि ऐसे दौर में मरीजों को अपनों की सबसे ज्यादा कमी खलती है, लेकिन उन्हें इजाजत नहीं है. ऐसे में मरीजों के बीच जाकर उन्हें अपनेपन का एहसास कराते हैं. जिससे वो अपना दुख भूल कर जल्द स्वस्थ हो सकें. सेंटर फार एडवोकेशी एंड रिचर्स की संवयक डॉ प्रीती का कहना है कि उर्वशी अपने काम के प्रति निष्ठावान और ईमानदार है. साथ ही उनकी कार्यशैली से अस्पताल में सभी प्रभावित है. कोरोना वायरस से भर्ती मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के साथ ही उन सब को मानसिक रूप से सहयोग प्रदान करके उन्होने अपनी बेहतर भूमिका को प्रदर्शित किया है. उनका सेवा भाव को सलाम करने योग्य है. सेवा भाव से एक बार फिर उर्वशी ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा है. उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए लगभग 200 प्रशस्ति पत्र व प्रमाण पत्र जनपद व राज्य स्तर से उन्हें प्रदान किए जा चुके हैं.
सेवा भाव की हो रही सराहना

दूसरों की मदद करना और विपरीत परिस्थितियों में भी सेवा भाव से काम करना उन्होंने अपने पिताजी से सीखा. जब देश में लाॅकडाउन लगाया गया उस समय अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में मास्क भी उपलब्ध नहीं थे. तब उन्होंने खुद मास्क बनाकर स्वास्थ्य कर्मियों और सफाई कर्मियों को वितरित किए. पिछले साल उर्वशी ने अपनी निगरानी में अस्पताल में सैनिटाइजर  का काम किया और स्वास्थ्य कर्मियों को साफ सफाई व कोरोना से बचाव के लिए जागरूक किया। कोरोना काल में जो भी मरीज भर्ती थे उन्हें निशुल्क साबुन, फल, दवाई समय पर उपलब्ध कराने में भी उनकी अहम भूमिका रही. उर्वशी के पति प्रेम किशोर द्विवेदी का कहना है कि परिवार के लोग उर्वशी के हौसले की तारीफ करते है. वो इन परिस्थितियों में आम लोगों के हित के बारे मे सोचती है, जब सामान्य व्यक्ति अपने नाते रिश्तेदारों के लिए खड़े होने को तैयार नहीं है. इटावा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एनएसतोमर कहते है कि उर्वशी जैसा कार्य व्यवहार करने वाला समर्पित सेवादार हर स्वास्थ्य कर्मी को बनने की जरूरत है, ताकि संक्रमितों की वाकई में सहायता हो सके.
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