Etawah News: छुट्टी पर भेजे गए सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के VC, कोरोना प्रबंधन में नाकामी बनी वजह

छुट्टी पर भेजे गए सैफई मेडिकल  कुलपति प्रो राजकुमार

छुट्टी पर भेजे गए सैफई मेडिकल कुलपति प्रो राजकुमार

Saifai Medical University: कुलपति का कार्यकाल 31 मई को पूरा हो रहा है, लेकिन इसके पहले ही उनको छुट्टी पर भेजे जाने का कारण कोरोना काल में यूनीवसिर्टी में फैली अव्यवस्थाएं बताई जा रहीं हैं.

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इटावा. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के इटावा (Etawah) स्थिति सैफई मेडिकल यूनीवसिर्टी (Saifai Medical University) के कुलपति प्रो.राजकुमार (VC Prof Rajkumar) को छुट्टी पर भेज दिया गया है. प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने यूनीवसिर्टी मे कार्यवाहक कुलपति की तैनाती के संबंध में आदेश जारी किया है. पत्र में बताया गया है कि कुलपति का कार्यकाल 31 मई को समाप्त हो रहा है, नए कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है. हालांकि तब तक प्रतिकुलपति डॉ रमाकांत यादव को कुलपति का चार्ज दिया गया है. कुलपति का कार्यकाल 31 मई को पूरा हो रहा है, लेकिन इसके पहले ही उनको छुट्टी पर भेजे जाने का कारण कोरोना काल में यूनीवसिर्टी में फैली अव्यवस्थाएं बताई जा रहीं हैं.

प्रतिकुलपति डॉ रमाकांत यादव को कुलपति का चार्ज दिया गया है, हालांकि नए कुलपति की तलाश भी की जा रही है. माना यह जा रहा है कि यूनीवसिर्टी में कोरोना काल में व्यवस्था न संभाल पाने के कारण उनको छुट्टी पर भेजा गया है. प्रतिकुलपति डॉ रमाकांत यादव ने बताया कि पत्र आया है. आदेश के अनुसार उन्होंने कुलपति का चार्ज ले लिया है. वर्तमान कुलपति के पद का कार्यकाल 31 मई को समाप्त होने वाला था. नये कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया प्रचलित है. शीघ्र ही नये कुलपति की नियुक्ति अनुमोदनोपरांत की जायेगी.

अब अवकाश पर ही शेष कार्यकाल

शासन ने सैफई विश्वविद्यालय इटावा अधिनियम 2015 की धारा 11(10) के अंतर्गत  विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति को 31 मई अथवा नये कुलपति की नियुक्ति तक अथवा जो भी पहले हो के लिए कुलपति के कर्तव्यों के निर्वहन हेतु अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है. पत्र के अंतिम में लिखा है कि सैफई यूनीवसिर्टी के वर्तमान कुलपति को बचे शेष कार्यकाल हेतु अवकाश पर जाने हेतु अनुरोध किया जाता है और वह तत्काल प्रभाव से अवकाश पर माने जायेंगे. साथ ही निर्देश जारी किया गया कि शासन की ओर से लिए गये निर्णय अनुपालन सुनिश्चित करने का कष्ट करें. इसके साथ ही पिछले तीन सालों से सैफई विश्वविद्यालय में चला आ रहा राजकुमार के कार्यकाल के रथ का पहिया बीच रास्ते मे ही थम गया.
लगातार मिल रही थी शिकायतें

पिछले महीने से सैफई यूनीवसिर्टी में कोरोना महामारी के हाहाकार से जूझ रहा था. ऑक्सीजन की कमी, सेनेटाइजर, मास्क, ग्लब्स, पीपीई किट और जीवन रक्षक दवाओं की कमियों को शासन ने कुलपति को अवकाश पर भेजे जाने का निर्णय ले लिया। सूत्र बताते है कि पिछले महीने शासन से विश्वविद्यालय को 5 करोड़ 75 लाख का बजट दिया गया, जिसमें 50 लाख दवा, 1 करोड़ 25 लाख पीपीई किट के लिये और 4 करोड़ टेस्ट किट के लिये दिये गये, लेकिन उसके बाद भी यूनीवसिर्टी में दवा और सामान के लिये हहाकार मचा रहा. जिसका नतीजा यह हुआ कि जूनियर डॉक्टरों को सामान उपलब्ध ना होने की वजह से हड़ताल भी करना पड़ी. जिसकी कई लिखित शिकायते शासन को भेजी गयी.

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